रायसेन: यहां से एक ऐसी खबर सामने आई है, जो हमारे सभ्य समाज के माथे पर चिंता की लकीरें खींच देती है।विडंबना यह है कि यह मामला कहीं और का नहीं, बल्कि प्रदेश के स्वतंत्र प्रभार राज्य मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल की अपनी विधानसभा, रायसेन जिले के उदयपुरा का है।मामला ग्राम पंचायत पिपलिया पुआरिया का है। यहाँ के निवासी भरत राज धाकड़ का ‘गुनाह’ सिर्फ इतना था कि उन्होंने इंसानियत के नाते गांव के ही एक दलित, संतोष परोले के घर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में भोजन कर लिया।
एक ग्रामीण ने इसका वीडियो वायरल कर दिया, जिसके बाद समाज के तथाकथित ‘ठेकेदारों’ का अहंकार जाग उठा। पंचायत बुलाई गई और भरत राज के परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया।हैरत की बात यह है कि खुद क्षेत्रीय विधायक और मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने भी दलित परिवार के घर भोजन कर समरसता का संदेश देने की कोशिश की थी, लेकिन समाज के पंचों पर इसका कोई असर नहीं हुआ।
उलटे, भरत राज का हुक्का-पानी बंद कर उन्हें ‘शुद्धिकरण’ के नाम पर गंगा जली पूजन और पूरे गांव को भोज कराने का तुगलकी फरमान सुना दिया गया।मंगलवार को अपनी व्यथा लेकर पीड़ित भरत राज जिला कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा की जनसुनवाई में पहुंचे।कलेक्टर अरुण विश्वकर्मा ने बताया कि यह मामला पुराना है और पूर्व में कुछ लोगों को जेल भी भेजा गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि छुआछूत जैसी कुरीतियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी।
