असुरक्षा के साये में सैकड़ों शाला भवन, झाडला में बाउण्ड्रीवॉल विहीन शाला भवन में ताला तोडक़र चोरी

ब्यावरा/झाडला:शिक्षा को बढ़ावा देने शासन द्वारा लाखों, करोड़ों रुपये लगाकर भव्य भवन निर्माण कराए/ जा रहे है वहीं दूसरी और धरातल पर हालात कुछ और ही नजर आते है. जिले की 960 प्राथमिक एवं माध्यमिक शाला भवनों में सुरक्षा की दृष्टि से बाउण्ड्रीवॉल तक नहीं है. इससे हर समय असुरक्षा का भाव बना रहता है. अब इन असुरक्षित शालाओं को चोरों ने निशाना बनाना शुरु कर दिया है. बाउण्ड्रीवॉल विहीन नरसिंहगढ़ तहसील के झाडला के शासकीय स्कूल में विगत दिवस ताला तोडक़र अज्ञात बदमाश वहां से एक इलेक्ट्रॉनिक डिजीटल बोर्ड चोरी कर ले गये.

शासन द्वारा शिक्षा के स्तर को काफी बेहतर करते हुए लाखों, करोड़ों की रुपये की लागत से नवीन भवनों का निर्माण कर शिक्षा के प्रति जागरुकता अभियान चलाया जा रहा है किंतु धरातल पर कई शासकीय स्कूल भवन ऐसे भी है जिनकी सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है. नरसिंहगढ़ तहसील के झाडला में ऐसे ही एक बाउण्ड्रीवॉल विहीन स्कूल से ताला तोडक़र चोरी होने की घटना प्रकाश में आई है.

जानकारी के अनुसार ग्राम झाडला में शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल में बाउण्ड्रीवॉल नहीं है, इससे कोई भी बाहरी स्कूल तक जा पहुंचता हैै. विगत दिवस रात्रि में स्कूल के मेन गेट का ताला तोडक़र यहां कक्षा में मौजूद एक इलेक्ट्रॉनिक डिजीटल बोर्ड अज्ञात बदमाश चोरी कर ले गये. इसी प्रकार कोटरी कलां गांव में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल में भी सुरक्षा के तौर पर बाउण्ड्रीवॉल नहीं होना बताया जाता है.

असामाजिक तत्वों का रहता जमावड़ा
जानकारी के अनुसार झाडला स्थित स्कूल में बाउण्ड्रीवॉल नहीं होने के कारण कोई भी बाहरी तत्व स्कूल परिसर तक जा पहुंचते है. शाम होते ही नशा करने वालों का भी जमघट स्कूल के आसपास लगा रहता है.
प्रबंधन कर चुका है शिकायत
प्राय: बाउण्ड्रीवॉल नहीं होने से स्कूल परिसर के यहां शाम होते ही नशा करने वाले एवं असामाजिक तत्वों की आवाजाही होने लगती है. इसको लेकर स्कूल प्रबंधन द्वारा इसको लेकर विगत दिवससैकड़ो स्कूल असुरक्षितप्राप्त जानकारी के अनुसार जिले में प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय की संख्या 2108 है, इनमें से लगभग 960 शाला भवन में बाउण्ड्रीवॉल ही नहीं है. जबकि शालाओं में छोटे-छोटे बच्चे अध्ययन करने आते है. ऐसे में स्कूल में पढऩे आने वाले बच्चों एवं स्टॉफ अपने आप को असुरक्षित एवं असहज महसूस करते है. साथ ही स्कूल भवन में चोरी का डर बना रहकर असामाजिक तत्वों एवं नशा करने वालों का जमावड़ा लगा रहता है.
राज्य शिक्षा केन्द्र के पास अब नहीं आता है फंड
जानकारी के अनुसार वर्ष 2009 तक राज्य शिक्षा केन्द्र के पास स्कूल भवनों की बाउण्ड्रीवॉल के लिए फंड आता था लेकिन इसके बाद फंड का प्रावधान समाप्त कर दिया गया. अब ग्राम पंचायतों को इसका अधिकार दिया गया है कि वह अपने पास मौजूद फंड में से स्कूल की बाउण्ड्रीवॉल करा सकते है. इसके लिए केन्द्र शासन से भी फंड आने की बात कही जा रही है

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