भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान मैनिट भोपाल में ऑन रीसेंट ट्रेंड्स इन कंप्यूटिंग एंड स्मार्ट मोबिलिटी आरसीएसएम 2025 का उद्घाटन किया गया. इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में दुनिया भर के शोधकर्ताओं ने अपनी रुचि दिखाते हुए कुल 1983 रिसर्च पेपर भेजे। इनमें से 438 शोधपत्र गहरी समीक्षा के साथ प्रक्रिया के बाद स्वीकृत किए गए। जिसमें कुल 385 शोधपत्र पंजीकृत हुए. इनमें 312 भारत, 30 अमेरिका, 37 चीन और 1 नाइजीरिया से शामिल हैं. उद्घाटन सत्र में प्रो एच सी गोविल डायरेक्टर एनआईटी सिक्किम अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि प्रो मनोज सिंह गौर डायरेक्टर आईआईटी जम्मू और विशिष्ट अतिथि प्रो जी एस तोमर और मैनिट डायरेक्टर प्रो के के शुक्ला भोपाल की विशेष उपस्थिति भी रही। स्वागत भाषण में डॉ अमित ओझा ने कहा कि एआई मशीन लर्निंग आयओटी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी स्मार्ट ग्रिड्स और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम जैसी तकनीकें तेजी से भविष्य का स्वरूप बदल रही हैं। जिसके बाद अध्यक्षीय संबोधन में प्रो गोविल ने इनोवेशन आधारित शोध को समय की जरूरत बताया। वहीं कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो मनोज सिंह गौर ने तकनीक आधारित टिकाऊ भविष्य के निर्माण में एडवांस्ड कंप्यूटिंग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर प्रो जी एस तोमर ने इंटेलिजेंट कंप्यूटिंग और सस्टेनेबल मोबिलिटी की बढ़ती उपयोगिता को रेखांकित किया। सम्मेलन का उद्देश्य कंप्यूटिंग और स्मार्ट मोबिलिटी के नवीनतम रुझानों पर शोधकर्ताओं शिक्षाविदों और उद्योग विशेषज्ञों को साझा मंच उपलब्ध कराना है। कार्यक्रम का समापन डॉ विजय भास्कर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। आयोजन सचिव के रूप में डॉ अमित ओझा डॉ यदुनाथ पाठक और डॉ विजय भास्कर ने सम्मेलन का संचालन किया।
