भोपाल: विश्व की सबसे भयावह औद्योगिक दुर्घटनाओं में शामिल भोपाल गैस त्रासदी की 41वीं बरसी पर आज राजधानी में विभिन्न संगठनों, संस्थाओं और नागरिक समूहों ने पीड़ितों को भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। बरकतुल्लाह भवन स्थित स्मारक पर लोगों ने मोमबत्तियाँ जलाकर दिवंगतों को याद किया। गैस पीड़ित संगठनों ने रैली निकालकर मुआवज़े, स्वास्थ्य सुविधाओं और न्याय की लंबित मांगों को दोहराया।
उन्होंने पीड़ितों के पुनर्वास के लिए फिर से आयोग के गठन की मांग की।बच्चों को त्रासदी से जुड़े पर्यावरणीय और औद्योगिक सुरक्षा के पाठ पढ़ाए गए, जागरूकता रैलियाँ और चित्र प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। सामाजिक संगठनों ने पीड़ित परिवारों को चिकित्सा सहायता और दवाइयों का वितरण किया।पुराने भोपाल स्थित युनियन कार्बाइड फैक्ट्री परिसर के पास सर्व-धर्म प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने भाग लिया।
वक्ताओं ने कहा कि त्रासदी सिर्फ इतिहास नहीं, बल्कि सावधानी और ज़िम्मेदारी का संदेश भी है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुँचाना आवश्यक है।राजधानी में हो रहे कार्यक्रमों ने एक बार फिर यह याद दिलाया कि 1984 की वह काली रात आज भी शहर की स्मृतियों में जिंदा है, और पीड़ितों के लिए न्याय की मांग अभी जारी है।
