
जबलपुर। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सुबह का माहौल सामान्य था, लेकिन कार्यालय परिसर में जैसे–जैसे भीड़ बढ़ने लगी, यह साफ दिखाई देने लगा कि आज कुछ विशेष होने वाला है। यातायात जागरूकता को लेकर आयोजित यातायात प्रशिक्षण शिविर में शहर के कई वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ और छात्र–छात्राएँ बड़ी संख्या में मौजूद थे। शिविर में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय तथा जिले के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षकगण की उपस्थिति ने आयोजन को और भी महत्त्वपूर्ण बना दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. संजय जैन ने सड़क दुर्घटना के बाद पहले एक घंटे यानी गोल्डन आवर के महत्व को बेहद सरल और प्रभावी तरीके से समझाया। उन्होंने बताया कि सही समय पर उचित सहायता मिल जाने पर कई जानें बचाई जा सकती हैं।
इसके साथ उन्होंने सीपीआर (हृदय-फुफ्फुस पुनर्जीवन) की प्रक्रिया का प्रायोगिक प्रदर्शन भी दिया। ट्रैफिक पुलिस स्टाफ, पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कर्मचारी तथा रादुविवि एवं महाकौशल कॉलेज के छात्रों ने रुचि के साथ प्रशिक्षण देखा और सीखा।
शैक्षणिक संस्थानों का सहयोग और हेलमेट वितरण
शिविर में रादुविवि जबलपुर के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. शोभाराम मेहरा, कार्यक्रम अधिकारी डॉ. देवांशू गौतम, डॉ. नीरज केशरवानी तथा डॉ. सुनीता उपाध्याय की उपस्थिति और सक्रिय सहयोग रहा। मोबाइल कंपनी वीवो के प्रतिनिधि हेमन त्रिवेदी ने कार्यक्रम में विशेष योगदान देते हुए छात्रों को नि:शुल्क हेलमेट प्रदान किए। पूर्व में यातायात प्रशिक्षण ले चुके रादुविवि एवं महाकौशल कॉलेज के छात्रों को भी प्रशस्ति पत्र के साथ हेलमेट दिए गए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की अपील : सुरक्षित रहें, दूसरों को भी सुरक्षित रखें
अंत में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) सुश्री अंजना तिवारी, डीएसपी संतोष शुक्ला तथा डीएसपी बैजनाथ प्रजापति ने सभी उपस्थित लोगों से अपील की कि सुगम यातायात व्यवस्था, व्यक्तिगत सुरक्षा और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए सभी नागरिक सदैव जागरूक रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।
