जबलपुर: संस्कारधानी को संस्कारों की नगरी कहा जाता हैं, लेकिन अपराधी इसे अपराधधानी बनाने पर तुले हुए हैं परंतु इस साल ऐसी खौफनाक वारदात हुई जिसे जिसने भी सुना उसके रूह का उठे। ईष्र्या, नफरत की आग में झुलसी एक सहेली ने अपने ही सहेली पर एसिड अटैक कर दिया।
इस वारदात ने शहर को झकझोर कर रख दिया। तीन दशक बाद जबलपुर में एसिड अटैक का फिर बदनुमा धब्बा लगा। जिसे भूला नहीं जा सकता हैं, पीडि़ता के जख्म तो आज भी ताजा हैं जब वे उस मंजर को याद करती हैं तो चीख पड़ती हैं, आंखेें नम हो जाती हैं, इस एसिड अटैक कांड की बूंदे और दर्द वे शायद ही कभी भूल पाये।
सन् 1985 और 1987 में हुए थे एसिड कांड, तत्कालीन पीएम भी हुए थे विचलितजानकार बताते है कि सन् 1987 में शहर में दिनदहाड़े एक रिक्शा चालक ने तीन बच्चियों पर एसिड फेंका था। उस वक्त बच्चियों को एयरक्राफ्ट से इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया था। 1984 में भी तेजाब कांड हुआ था। तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी भी विचिलित हुए थे।
इशिता ने की थी खौफनाक वारदात
जून माह 2025 में ग्वारीघाट थाना अंतर्गत अवधपुरी कॉलोनी में तेजाब कांड हुआ। सहेली श्रद्धा दास 23 वर्ष पर उसकी सहेली इशिता ने तेजाब उड़ेला था। आरोपिया को सहेली से जलन और नफरत थी। एसिड युवती ने प्रेस काम्पलेक्स अनुप्रास इंटर प्राईज सिविक सेंटर संचालक सत्येन्द्र गुप्ता से खरीदा था। इसके बाद सहेली को सरप्राइज देने की बात बोलकर घर के बाहर बुलाया और उस पर एसिड उड़ेल दिया था।
