ग्वालियर: अधिवक्ता परिषद मध्यभारत प्रांत जिला इकाई ग्वालियर द्वारा “एक राष्ट्र–एक चुनाव” विषय पर विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।अपने संबोधन में तोमर ने भारत को विश्व का सबसे सक्षम लोकतंत्र बताते हुए कहा कि “एक राष्ट्र–एक चुनाव समय, धन और प्रशासनिक संसाधनों की अत्यधिक बचत सुनिश्चित करेगा, जिससे देश की ऊर्जा विकास कार्यों की ओर केंद्रित हो सकेगी।
उन्होंने भारत के संविधान की 75 वर्षीय यात्रा, आवश्यक संशोधनों और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने वाले ऐतिहासिक फैसले को सामाजिक प्रगति का महत्वपूर्ण कदम बताया।कार्यशाला में लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षण संस्थान की कुलपति प्रो. कल्पना शर्मा ने कहा कि भारत का भविष्य स्वस्थ संवाद, सकारात्मक सोच और जागरूक युवाओं पर आधारित है। उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान जैसे जन-आंदोलनों में युवाओं की भूमिका को विशेष रूप से रेखांकित किया और कहा कि देश तभी प्रगति करेगा जब युवा रचनात्मक सोच और जिम्मेदार नागरिकता का परिचय दें।
कार्यक्रम को शहर के प्रसिद्ध अधिवक्ता स्वर्गीय शर्मा को समर्पित किया गया। वक्ताओं ने उनके न्यायिक योगदान और सरल कार्यशैली को भावपूर्ण स्मरण किया।
अतिरिक्त महाधिवक्ता एवं राष्ट्रीय अधिवक्ता परिषद के विशेष आमंत्रित सदस्य दीपेंद्र सिंह कुशवाहा ने संविधान में हुए संशोधनों और भारतीय संस्कृति के प्रभाव पर विस्तृत प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि कैसे नंदलाल बोस व रायबहादुर रामनारायण सिंह जैसे कलाकारों ने संविधान की मूल प्रति को भारतीय सांस्कृतिक प्रतीकों से जीवंत बनाया।
अखिल भारतीय अधिवक्ता परिषद के राष्ट्रीय मंत्री विक्रम दुबे ने कहा कि देश केवल अधिकारों से नहीं, कर्तव्यों के प्रति सजगता से चलता है। उन्होंने सभी अधिवक्ताओं और नागरिकों से आग्रह किया कि राष्ट्र निर्माण में कर्तव्य भावना ही सर्वोच्च आधार है। प्रांत अध्यक्ष वीरेंद्र पाल ने परिषद द्वारा संचालित न्याय केंद्रों की जानकारी दी, जो मध्यभारत प्रांत में जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क कानूनी सहायता प्रदान कर रहे हैं।
