नयी दिल्ली 30 नवम्बर (वार्ता) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश में पहाड़ों और संस्कृति के साथ-साथ रोमांचक खेलों के लिए अनुकूल परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा है कि भारत में ‘सर्दियों के पर्यटन’ की अपार संभावनाएं हैं और इन्हें बढावा दिये जाने की जरूरत है। श्री मोदी ने रविवार को यहां अपने मासिक रेड़ियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ में कहा कि दुनिया के कई देशों ने सर्दियों में होने वाले पर्यटन को अपनी अर्थव्यवस्था का बहुत बड़ा आधार बना दिया है। अनेक देशों में दुनिया के सबसे सफल शरद उत्सव और शरद खेल मॉडल हैं वैश्विक आकर्षण का केन्द्र हैं। देश मेंं सर्दियों के पर्यटन की संभावनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा ,” हमारे देश में भी सर्दियों के पर्यटन की हर क्षमता मौजूद है। हमारे पास पहाड़ भी हैं, संस्कृति भी है और रोमांच की असीम संभावनाएं भी हैं। मुझे खुशी है। ”
उन्होंने कहा कि इन दिनों उत्तराखंड का सर्दी पर्यटन लोगों को बहुत आकर्षित कर रहा है। सर्दियों के मौसम में औली, मुनस्यारी, चोपटा और डेयारा जैसी जगहें खूब लोकप्रिय हो रही हैं।
सर्दियों में विवाह समारोहों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा,” सर्दियों में “वैड इन इंडिया” अभियान की भी अलग धूम होती है। सर्दियों की सुनहरी धूप हो, पहाड़ से उतरते कोहरे की चादर हो, डेस्टिनेशन वैडिंग के लिए पहाड़ भी अब खूब लोकप्रिया हो रहे हैं। कई शादियां तो अब खास तौर पर गंगा जी के किनारे हो रही हैं।”
प्रधानमंत्री ने लोगों से हिमालय की खूबसूरत वादियों का जिक्र करते हुए वहां घूमने जाने का भी आह्वान किया।
