नयी दिल्ली 29 नवम्बर (वार्ता) रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा खरीद सौदों के बारे में होने वाली बातचीत पर सबकी नजर लगी है और पूरी संभावना है कि भारत बातचीत में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ‘गेम चेंजर’ साबित हुई वायु रक्षा प्रणाली एस-400 के पांच और स्क्वैड्रन की खरीद के बारे में मुख्य रूप से चर्चा करेगा।
श्री पुतिन 23 वें भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन के लिए दो दिन की यात्रा पर चार दिसम्बर को भारत आ रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री मोदी और श्री पुतिन की बातचीत के दौरान भारत पुराने रक्षा सौदे के तहत बाकी बचे एस-400 के दो स्क्वैड्रनों की जल्द आपूर्ति और वायु रक्षा प्रणाली के पांच अतिरिक्त स्क्वैड्रनों की खरीद के सौदे के बारे में विस्तार से चर्चा करने की योजना पर काम कर रहा है।
उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गेम चेंजर साबित हुई एस-400 रक्षा प्रणाली की सफलता के बाद से भारत ने इसके और स्क्वैड्रनों के लिए रूस के साथ खरीद समझौते को पर बातचीत को आगे बढाने का मन बना लिया है। भारत ने वर्ष 2018 में रूस से एस-400 के पांच स्क्वैड्रनों की खरीद के समझौते पर हस्ताक्षर किये थे। करीब 40 हजार करोड़ रुपये की खरीद के इस समझौते के तहत भारत को तीन स्क्वैड्रन मिल गये थे जबकि रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण बाकी दो स्क्वैड्रन की आपूर्ति अभी तक नहीं हो पाई है।
इसके अलावा दोनों देशों के बीच सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों के साथ-साथ पांचवीं पीढी के लड़ाकू विमान सुखोई-57 की खरीद को लेकर भी बातचीत होने की संभावना है। रूस इस विमान के खरीद सौदे को लेकर भारत के समक्ष कई बार पेशकश कर चुका है।
