
सीधी। जिले के रामपुर नैकिन जनपद पंचायत अंतर्गत शिकारगंज गांव में गुरुवार सुबह तालाब के किनारे एक मगरमच्छ दिखाई दिया। आदिवासी और हरिजन बस्ती के बीच स्थित तालाब में मगरमच्छ दिखने से दहशत फैल गई। यह तालाब मवेशियों को पानी पिलाने, बच्चों के नहाने और कपड़े धोने के लिए रोजाना इस्तेमाल किया जाता था। अचानक तालाब के किनारे पड़े मगरमच्छ को देख ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने बताया कि अब कोई भी उसके आसपास जाने की हिम्मत नहीं कर रहा है।
ग्रामीणों ने आसपास के सभी बच्चों और मवेशियों को तालाब से दूर रखने के निर्देश दिए हैं।स्थानीय निवासियों का कहना है कि सोन नदी लगभग 5 किलोमीटर की दूरी पर बहती है। यह मगरमच्छ इतनी दूर तालाब तक कैसे पहुंचा, यह रहस्य बना हुआ है। लोगों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों से नदी में जलस्तर बढ़ने के कारण कोई जलमार्ग बना होगा, जिससे यह तालाब तक आ गया। ग्रामीणों ने वन विभाग को इसकी सूचना दी है। बताया गया कि सोन नदी क्षेत्र की निगरानी के लिए नियुक्त वन कर्मचारी रमाशंकर बबलू सिंह को भी कई बार जानकारी दी गई, लेकिन मौके पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।इसके अलावा लोगों ने इस मामले की सूचना वन विभाग की डीएफओ प्रीति अहिरवार को भी दी।
इनका कहना है-
शिकारगंज तालाब में मगरमच्छ की सूचना उन्हें ग्रामीणों से मिली है। टीम को तुरंत अवगत कराया गया है और मगरमच्छ को सुरक्षित तरीके से बाहर निकालने की कोशिश की जाएगी।
प्रीति अहिरवार, डीएफओ सीधी
