
भोपाल: नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने सीहोर स्थित निजी कॉलेज में लगातार सामने आ रही गंभीर अव्यवस्थाओं को लेकर प्राइवेट यूनिवर्सिटी रेगुलेटरी कमीशन से सख्त कार्रवाई की मांग की है। इन शिकायतों में छात्रावासों में कुप्रबंधन, दूषित भोजन से बड़ी संख्या में छात्रों के बीमार होने, प्रशासनिक लापरवाही, धार्मिक स्वतंत्रता में हस्तक्षेप, पानी की समस्या और अवैध शुल्क वसूली जैसे मुद्दे शामिल हैं।
बुधवार को एनएसयूआई के राज्य उपाध्यक्ष रवि परमार और जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने कमीशन के अध्यक्ष खेमा सिंह डेहरिया से मुलाकात कर विस्तृत प्रतिवेदन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय प्रशासन की बार-बार सामने आने वाली लापरवाहियों का उल्लेख करते हुए तत्काल जांच समिति के गठन और कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रतिनिधिमंडल में लक्की चौबे, अमित हटीया, धीरज वर्मा, नितिन तोमर, अभय रामभक्त और राजवीर सिंह शामिल थे।
मुख्य शिकायतों में छात्रावासों में परोसे गए अस्वच्छ भोजन से दर्जनों छात्रों के अस्पताल में भर्ती होने और विरोध करने वाले छात्रों को दबाने के प्रयासों का मुद्दा प्रमुख रहा। प्रतिनिधिमंडल ने पहले से लंबित मामलों—जैसे छात्रों को हनुमान चालीसा पढ़ने से रोकना, छात्रावासों में पानी का गंभीर संकट और उपस्थिति के नाम पर अवैध फीस वसूली—को भी उठाया।
एनएसयूआई ने बताया कि लगातार अव्यवस्था के कारण स्थानीय छात्रों और अभिभावकों में भय का माहौल बढ़ रहा है।
संगठन ने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को शामिल करते हुए उच्चस्तरीय जांच समिति के गठन, विश्वविद्यालय संचालन का व्यापक ऑडिट, कैंपस सुरक्षा बढ़ाने और सभी निजी विश्वविद्यालयों में अनिवार्य स्टूडेंट वेलफेयर कमेटी बनाने की मांग की है।
कमीशन अध्यक्ष डेहरिया ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र ही जांच समिति गठित की जाएगी। एनएसयूआई जिला अध्यक्ष अक्षय तोमर ने चेतावनी दी कि यदि कड़ी कार्रवाई नहीं हुई और छात्रों की सुरक्षा से समझौता किया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा।
