सतना: नगर निगम की अतिक्रमण शाखा की लचर कार्यशैली के चलते न सिर्फ आम जन को हर रोज कई तरह की समस्यायों का सामना करना पड़ रहा है बल्कि आलम यह है कि मुक्तिधाम के रास्ते पर अतिक्रमण के चलते लोगों को मृत्यु के बाद भी अंतिम संस्कार के लिए जगह उपलब्ध नहीं हो पा रही है. जिम्मेदारों की संवेदनहीनता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मजबूर आदिवासी परिवार को मृत महिला का अंतिम संस्कार अपने मोहल्ले में ही करना पड़ा.
शहर के वार्ड क्र. 17 की पार्षद श्रीमती ऊषा गंगा कुशवाहा द्वारा आयुक्त नगर निगम को एक पत्र लिखा गया है. पत्र में उल्लेखित समस्या यह बताने के लिए काफी है कि कैसे कुछ सहरंग किस्म के लोगों द्वारा रहवासियों से मुक्तिधाम में जाकर अंतिम संस्कार करने के अधिकार तक को छीन लिया गया है. निगमायुक्त को लिखे पत्र में पार्षद द्वारा यह उल्लेख किया गया है कि वार्ड क्र. 17 में केंद्रीय जेल के सामने एक मुक्तिधाम है.
जिसे नगर निगम द्वारा लाखों रुपए खर्च करके बनाया गया था. 15-20 हजार की आबादी वाले क्षेत्र के आमजन के परिवार में किसी की मृत्यु होने पर इसी मुक्तिधाम का उपयोग किया जाता था. लेकिन इस मुक्तिधाम के आम रास्ते पर दो सहरंगों ने अतिक्रमण कर लिया. अतिमक्रमण करने का नतीजा यह हुआ कि मुक्तिधाम की ओर जाने वाला आम रास्ता बंद कर दिया गया.
मुक्तिधाम के आम रास्ते पर अतिक्रमण कर उसे बंद किए जाने के कारण स्थानीय रहवासियों का वहां तक पहुंच पाना असंभव हो गया. मजबूर होकर लोगों को अपने परिजनों का अंतिम संस्कार किसी दूसरे मुक्तिधाम में करना पड़ा. इस समस्या को देखते हुए पार्षद द्वारा कई बार नगर निगम को सूचना दी गई. आलम यह रहा कि पिछले 5 वर्ष में पार्षद द्वारा सैकड़ों बार मामले की शिकायत की गई. लेकिन इसके बावजूद भी अतिक्रमण जस का तस बना हुआ है.
मोहल्ले में जलानी पड़ी चिता
वार्ड क्र. 17 की पार्षद श्रीमती ऊषा गंगा कुशवाहा के अनुसार ओपेन जेल के पीछे रहने वाले एक आदिवासी परिवार में एक महिला की मृत्यु हो गई थी. मृतका के परिजन सहित अन्य स्थानीय रहवासियों द्वारा इस बात का काफी प्रयास किया गया कि किसी तरह मृतका का अंतिम संस्कार मुक्तिधाम में हो जाए. लेकिन इस मामले में न तो सहरंगों का कलेजा पसीजा और न ही ननि का अतिक्रमण दस्ता ही हरकत में आया. नतीजतन 15 नवंबर को मजबूर होकर परिजनों को मोहल्ले में ही मृतका की चिता बनानी पड़ी और वहीं पर उनका अङ्क्षतम संस्कार किया गया
