
भोपाल। प्रदेश के सरकारी विभागों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने गुरूवार को अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन किया. राज्य शिक्षा केंद्र पुस्तक भवन के सामने एकजुट हुए कर्मचारियों ने घंटी, थाली, लौटा चम्मच बजाकर प्रदर्शन किया. समान्य प्रशासन विभाग की ओर से विसंगति पूर्ण बनाई संविदा नीति में संशोधन किये जाने की मांग की गई.
म.प्र. संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने बताया कि अधिकारियों से संविदा नीति में संशोधन की मांग की जा रही है. नीति में अनेक विसंगतियां हैं जिनके कारण संविदा कर्मचारियों के हित के लिए बनाई गई संविदा नीति से संविदा कर्मचारियों को फायदे के जगह नुकसान हो रहा है. उन्होंने कहा कि इसे दूर किया जाना चाहिए. इसके अनुसार आदेश जारी नहीं किये गये हैं, जिससे सभी को नुकसान हो रहा है।
राठौर ने कहा कि संविदा कर्मचारियों को दिखाने के लिए 50 प्रतिशत का हवाला दिया जा रहा है, जबकि वो छलावा है. जीएडी ने 22 जुलाई 2023 की नीति में नियमित भर्ती में आरक्षण के साथ एक लाईन जोड़ दी है कि विभाग में संविदा के पद अथवा निकाले गये नियमित पद दोनों में से जो कम होगा. उसका 50 प्रतिशत् विभागों में संविदा के पद है ही नहीं, इसलिए जो नियमित भर्ती निकलती है. उन्होंने कहा कि चूंकि विभागों में संविदा पद नहीं होने के कारण नियमित भर्ती में जब आरक्षण की गणना होती है, तो उसकी जगह आरक्षण शून्य हो जाता है.
