कश्मीर के हालात जस के तस, 2019 से हालात में कोई बदलाव नहीं: उमर अब्दुल्ला

श्रीनगर, 19 नवंबर (वार्ता) जम्मू -कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को कहा कि 2019 में हुए संवैधानिक बदलावों के बाद से राज्य के हालात में कोई सुधार नहीं आया है।

श्री उमर ने कुलगाम में जम्मू-कश्मीर क्षेत्रीय व्यापार मेले का उद्घाटन करने के बाद पत्रकारों से कहा, “मौजूदा हालात के बारे में मैं क्या ही कह सकता हूँ। हिंसा में निर्दोष लोग अपनी जान गँवा रहे हैं और कश्मीर की ज़मीनी हक़ीक़त आज भी जस की तस है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “कल मैं नौगाम पुलिस स्टेशन विस्फोट में मारे गये लोगों के प्रति संवेदना जताने पांच जगहों पर गया था। आज मैं दो और जगहों पर जा रहा हूं।”

श्री उमर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों से अगस्त 2019 के बाद खून खराबा खत्म करने का वादा किया गया था, लेकिन स्थिति जस की तस बनी हुयी है। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि यह हिंसा)रुके क्योंकि पिछले 30 से 35 वर्षों में जम्मू-कश्मीर और खासकर कश्मीर में बहुत खून-खराबा हुआ है। हमें बताया गया था कि 2019 के बाद यह रुक जाएगा। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।”

उन्होंने क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के ज़िम्मेदार लोगों पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इसके लिये केवल राजनीतिक नेताओं को ज़िम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।

उन्होंने ज़ोर देकर कहा, “यह क्यों नहीं रुका? आपको उन लोगों से पूछना होगा जो हमारी सुरक्षा के लिए ज़िम्मेदार हैं। यह ज़िम्मेदारी हमारी नहीं है।”

 

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