
श्योपुर। तबादला नीति लागू होने के बाद मध्यप्रदेश में जारी ट्रांसफर प्रक्रिया के बीच एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। श्योपुर जिले में बाढ़ राहत राशि घोटाले में जेल में बंद पटवारी हेमंत मित्तल का नाम तबादला सूची में शामिल कर उसे विजयपुर से बड़ौदा तहसील स्थानांतरित कर दिया गया है। यह सूची प्रशासन द्वारा जारी की गई थी।
इस मामले को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता अरुण यादव ने सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने एक्स पर लिखा: “मप्र में ट्रांसफर उद्योग पूरी तेज़ी से चल पड़ा। श्योपुर जिले में बाढ़ राहत राशि में गड़बड़ी के प्रकरण में पटवारी हेमंत मित्तल जेल में बंद है, उसके बावजूद भी विजयपुर तहसील से बड़ौदा तहसील में ट्रांसफर कर दिया।
वाह डबल इंजन की सरकार! ट्रांसफर उद्योग भी डबल तेजी से चला है।”
ज्ञात हो कि हेमंत मित्तल को हाल ही में धोखाधड़ी के एक गंभीर मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बावजूद उसका नाम तबादला सूची में आना प्रशासनिक सतर्कता की कमी और व्यवस्था में गहरी लापरवाही को उजागर करता है।
इस घटनाक्रम ने न सिर्फ तबादला प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि शासन की सुनियोजित जवाबदेही को लेकर भी गंभीर बहस छेड़ दी है।
