जबलपुर: शहर में लगातार बढ़ रही ठंड ने जोड़ों के दर्द और सर्दी, खंासी के मरीजों की मुसीबतें बढ़ा दीं हैं। आलम ये है कि जिला अस्पताल विक्टोरिया व मेडिकल कॉलेज अस्पताल की ओपीडी में इन रोगों से ग्रसित मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी कर दी है। जानकारी के अनुसार जहां प्रतिदिन की ओपीडी में 60 से 70 मरीज होते थे वहीं अब ये आंकड़ा 90 तक पहुंच चुका है। ऐसे में मेडिकल व विक्टोरिया दोनों अस्पतालों में मरीजों की लंबी कतारें लगने लगीं हैं।
उधर शहर के निजी अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर्स के क्लीनिक में भी मरीजों की मौजूदगी अधिक देखी जा रही है। ऐसे में अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉक्टर्स द्वारा मरीजों को ये सलाह दी जा रही है कि वे ठंड में अपनी सेहत का विशेष ध्यान रखें और अगर जोड़ों में दर्द अधिक बढ़ जाए तो बिना देरी किए तत्काल डॉक्टर के पास जाएं।जिला अस्पताल के सिविल सर्जन एवं अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. नवीन कोठारी ने नवभारत को बताया कि अभी अधिकतर देखा जा रहा है कि लोग बिना गर्म कपड़े पहले घूम रहे हैं जो कि उनकी सेहत के लिए हानिकारक है।
वहीं जिला अस्पताल विक्टोरिया के अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. संजय जैन ने बताया कि ठंड के मौसम में शरीर में तापमान गिरने के कारण रक्त संचार कम हो जाता है, जिससे जोड़ों में अकड़न और दर्द बढ़ जाता है। खासतौर पर गठियाबात के मरीजों में यह समस्या और भी गंभीर हो जाती है। जिससे मरीजों को चलने-फिरने में कठिनाई होती है।
कुछ इस तरह रखें सावधानियां–
–जोड़ों में दर्द और गठिया वात के मरीजों को सर्दी के मौसम में गर्म पानी से स्नान करना चाहिए इससे जोड़ों की अकड़न कम होती है।
–ठंड में गर्म कपड़ों के साथ घुटनों को गर्म कपड़ों से कवर रखना चाहिए।
–गठियाबात के मरीजों को मांसाहारी खाने से बचना चाहिए।
–नियमित रूप से हल्का व्यायाम करना चाहिए।
–गुड़, मूंगफली, दूध का सेवन करें।
–सरसों के तेल से दूसरों से मालिश कराने की बजाय खुद मालिश करें।
-पैरों व घुटने को पूरी तरह गर्म कपड़ों से कवर रखें।
इनका कहना है-
–ठंड में कोल्ड केस और जोड़ों के दर्द के मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है। ऐसे मरीजों को गर्म कपड़े पहनकर ही बाहर निकलना चाहिए। वहीं पुराने फ्रैक्चर या हड्डी की चोट के मरीजों को ठंड में विशेष तौर पर सावधानी बरतनी चाहिए।
डॉ. नवीन कोठारी , सिविल सर्जन, विक्टोरिया अस्पताल।
