
जबलपुर। कॉर्पोरेट लॉज़ एंड गवर्नेंस केंद्र डीएनएलयू जबलपुर द्वारा 15–16 नवंबर को प्रथम कॉर्पोरेट लॉ समिट–2025 का सफल आयोजन वर्चुअल मोड में किया गया। उद्घाटन सत्र में कुलपति प्रो. (डॉ.) मनोज कुमार सिन्हा ने ईएसजी, सतत विकास और नैतिक कॉर्पोरेट गवर्नेंस की बढ़ती प्रासंगिकता पर विशेष जोर दिया। इसमें बताया गया कि दो दिनों तक चली दो पैनल चर्चाएँ, जिनमें देश के प्रमुख विधि विशेषज्ञ और शिक्षाविद शामिल हुए। नौ तकनीकी सत्रों में 80 से अधिक शोध–पत्रों की प्रस्तुति हुई। देशभर के विश्वविद्यालयों, शोधकर्ताओं और लॉ–प्रैक्टिशनरों की सक्रिय भागीदारी और प्रमुख लॉ फर्मों—खैतान एंड कंपनी, सायरिल अमरचंद मंगलदास, शार्दूल अमरचंद मंगलदास, ट्राइलीगल की उपस्थिति थी। वही पहले पैनल प्रमुख वक्ता विकास कुमार झा, पार्टनर, सायरिल अमरचंद मंगलदास प्रो. (डॉ.) किरण राय, आरएमएलएनएलयू थे। दूसरा पैनल के प्रमुख वक्ता प्रो. (डॉ.) कोंडैया जोन्नालगड्डा, एमएनएलयू सीएसएन और प्रो. (डॉ.) गिरीजेश शुक्ल, एचपीएनएलयू शिमला अंचित ओसवाल, पार्टनर, खैतान एंड कंपनी के रहे। यह कार्यक्रम डॉ. श्रुति नंदवाना, निदेशक, सीसीएलजी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। केंद्र ने सभी पैनलिस्टों, प्रतिभागियों और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया तथा इसे विधि क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक उपलब्धि बताया।
