
उज्जैन। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जिस फ्रीगंज ओवर ब्रिज का भूमि पूजन किया था, उसका निर्माण सेतु विकास निगम ने प्रारंभ कर दिया है। साइड रिक्त किए जाने का काम तेजी से चल रहा है वही निर्माण भी शुरू कर दिया गया है। अब सेतु विकास निगम एक और टू लाइन ब्रिज बन रहा है। मक्सी से उज्जैन तक जो फोरलेन सडक़ बन रही है उसमें अब मक्सी रोड ब्रिज भी फोर लेन हो जाएगा।
महाकाल की नगरी में सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियां अब युद्ध स्तर पर प्रारंभ हो चुकी हैं। इसी क्रम में अब मक्सी रोड पर 37 करोड़ रुपए की लागत से नया टू-लेन ब्रिज बनाए जाने की तैयारी शुरू हो गई है। यह नया ब्रिज पुराने मक्सी रोड ब्रिज के समानांतर बनाया जाएगा, जिससे पुराना टू-लेन और नया टू-लेन मिलकर फोरलेन मार्ग का स्वरूप लेगा।
कार्यपालन यंत्री पीएस पंत ने कहा कि जो भी निर्माण कार्य होगा। वह पूरी तरह नियमों के तहत किया जाएगा। यदि किसी का मकान, दुकान, जमीन या अन्य संरचना परियोजना में प्रभावित होती है, तो नियमानुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा। अवैध अतिक्रमण हटाया जाएगा, लेकिन वैध निर्माण को लेकर शासन के निर्देशों का पालन किया जाएगा। कार्यपालन यंत्री पंत ने बताया कि सिंहस्थ 2028 के तहत जो भी आवश्यक निर्माण कार्य हैं। उन्हें समय पर पूरा करना अनिवार्य है। समय कम है और कार्य बहुत अधिक हैं। यदि जनता का सहयोग नहीं मिला तो विकास कार्य बाधित हो सकते हैं। ऐसे में सभी से सहयोग की अपील की गई है। नया टू-लेन ब्रिज बनने के बाद दोनों ब्रिज मिलकर फोरलेन हो जाएंगे, जिससे मक्सी रोड पर यातायात बेहद सुगम होगा। सिंहस्थ 2028 में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को आवागमन में सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही उद्योगपुरी क्षेत्र के बड़े और भारी वाहनों की आवाजाही भी आसानी से हो सकेगी। मक्सी रोड फोरलेन ब्रिज बनने से उज्जैन के इंफ्रास्ट्रक्चर में बड़ा इजाफा होगा। इससे न केवल यातायात दबाव कम होगा। बल्कि व्यापार, उद्योग और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। कुल मिलाकर यह परियोजना उज्जैन के विकास, आर्थिक उन्नति और सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की सफल तैयारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। नवभारत से चर्चा में कार्यपालन यंत्री पीएस पंत ने स्पष्ट किया कि कुछ लोग जानबूझकर जनता को भ्रमित कर रहे हैं, डराने और उकसाने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि ब्रिज की ड्राइंग और डिजाइन पूरी तरह से स्वीकृत है। भोपाल स्तर तक संबंधित अधिकारियों से अनुमति मिल चुकी है।
मक्सी से उज्जैन तक फोरलेन की कड़ी
गौरतलब है कि मक्सी से उज्जैन तक पहले से ही फोरलेन सडक़ का निर्माण प्रस्तावित एवं प्रगति पर है। उसी कड़ी में उज्जैन सेतु विकास निगम द्वारा मक्सी रोड ब्रिज को भी फोरलेन करने की योजना को अमलीजामा पहनाया जा रहा है। सेतु विकास निगम की टीम ने मौके पर तैयारी शुरू कर दी है और ड्राइंग-डिजाइन भी सार्वजनिक कर दी गई है। नगर निगम द्वारा प्रभावित क्षेत्र के लोगों को शीघ्र ही नोटिस वितरित किए जाएंगे। साथ ही ब्रिज निर्माण को लेकर वर्क ऑर्डर भी जारी किया जा चुका है। निर्माण के दौरान जहां-जहां अतिक्रमण या अवैध निर्माण सामने आएगा, उसे नियमानुसार हटाया जाएगा। ब्रिज निर्माण को लेकर कुछ स्थानों पर विरोध भी सामने आया है। आईटीआई विभाग की बाउंड्री को भी तोड़े जाने का मामला प्रकाश में आया है। अफसर से प्राचार्य की चर्चा भी हो चुकी थी और भोपाल से भी सेतु निगम के चीफ इंजीनियर उज्जैन पहुंचे थे उन्होंने भी मार्ग का मौका मुआयना किया उसके बाद ही बाउंड्री वॉल तोड़ी गई।
कुछ लोग भ्रमित कर रहे हैं।
इनका कहना है
सिंहस्थ 2028 में ज्यादा समय नहीं है इसलिए हमें निर्माण कार्य जल्द प्रारंभ करना होंगे। बड़ा प्रोजेक्ट है, 37 करोड़ की लागत से टू लेन ब्रिज मक्सी रोड पर बनाया जाएगा। आईटीआई बिल्डिंग की दीवार तोड़ी गई है। जिसमें उच्च स्तर के अधिकारियों ने ही निर्देशित किया था। प्राचार्य ने भी कोई आपत्ति नहीं जताई है। वह भी सरकारी डिपार्टमेंट है और हमारा भी सरकारी काम है और सिंहस्थ की दृष्टि से मार्ग और ब्रिज का निर्माण किया जा रहा है, हालांकि कुछ लोग भ्रमित कर रहे हैं बावजूद इसके हम नियम से कम कर रहे हैं।
पीएस पंत, कार्यपालन यंत्री, सेतु विकास निगम उज्जैन
