
भोपाल। एनआईटीटीटीआर भोपाल में तीन दिवसीय वार्षिक महोत्सव नवोत्कर्ष दो हजार पच्चीस की शुरुआत उत्साह और उमंग के साथ हुई। समविश्विद्यालय बनने के बाद संस्थान में आयोजित यह महोत्सव पोस्टग्रेजुएट और पीएचडी विद्यार्थियों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को नवाचार खेल और बौद्धिक विकास के साझा मंच पर अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर देना है।
महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर संस्थान के निदेशक प्रोफेसर सी सी त्रिपाठी ने कहा कि एकेडमिक उपलब्धियां तभी सार्थक हैं जब विद्यार्थी जीवन के अन्य क्षेत्रों में भी संतुलन और उत्कृष्टता हासिल करें। उन्होंने कहा कि नवोत्कर्ष विद्यार्थियों को अपनी क्षमताएं पहचानने नई रुचियों को तलाशने और समुदाय से जुड़ाव महसूस करने का अवसर प्रदान करता है। यह मंच न केवल प्रतियोगिताओं के लिए बल्कि रचनात्मक सहयोग बौद्धिक संवाद और समग्र विकास के लिए भी महत्वपूर्ण है।
कॉर्पोरेट और इंटरनेशनल रिलेशंस के डीन प्रोफेसर पी के पुरोहित ने बताया कि कई बार शोध और अध्ययन के दबाव में विद्यार्थी अपनी प्रतिभाओं को सामने नहीं ला पाते। यह महोत्सव खेल सांस्कृतिक और साहित्यिक गतिविधियों के माध्यम से विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास को नई दिशा देगा। उन्होंने कहा कि नवोत्कर्ष नवाचार की भावना और आपसी सहयोग का प्रतीक है।
कार्यक्रम के दौरान संस्थान की ओर से विभिन्न गतिविधियों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर श्रीमती वंदना त्रिपाठी प्रोफेसर संजय अग्रवाल प्रोफेसर मनीष भार्गव सहित अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। महोत्सव को एकेडमिक कैलेंडर का महत्वपूर्ण कार्यक्रम माना जा रहा है और इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की सहभागिता की उम्मीद है।
