पानसेमल। जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को पानसेमल के ग्राम मोरतलाई पहुंचे, जहां उनका स्वागत प्रभारी मंत्री डॉ. गौतम टेटवाल और जनप्रतिनिधियों ने किया। मुख्यमंत्री ने यहां भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा का अनावरण किया और 424.40 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इसी दौरान पानसेमल में रेस्ट हाउस निर्माण सहित कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कर क्षेत्र को बड़ी सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने संबोधन में कहा कि आदिवासी जननायकों ने जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया और उनके योगदान को देश कभी भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित जनजातीय गौरव दिवस आदिवासी महापुरुषों को राष्ट्रीय सम्मान देने का कदम है। सीएम ने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने वर्षों तक आदिवासी नायकों की उपेक्षा की, जबकि भाजपा सरकार ने उनके जीवन संघर्ष को पाठ्यक्रम में शामिल कर नई पीढ़ी तक पहुंचाया है।
डॉ. यादव ने धारा 370 हटाने, वंदेमातरम् की 150वीं वर्षगांठ, किसान सम्मान निधि, भावांतर, लाड़ली बहना जैसी योजनाओं का उल्लेख कर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने बताया कि अब तक 35 हजार करोड़ रुपये लाड़ली बहनों को दिए जा चुके हैं।
विधायक श्याम बर्डे की मांग पर मुख्यमंत्री ने पानसेमल में रेस्ट हाउस निर्माण, टेमला और रायचूल हाईस्कूल के उन्नयन, एसडीओपी कार्यालय स्थापना, रामगढ़ किले तक सड़क निर्माण और पानसेमल कॉलेज को पीजी दर्जा देने की घोषणा की। साथ ही कहा कि पानसेमल व वरला क्षेत्र के 51 गांवों में पेयजल और सिंचाई की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
कार्यक्रम में सांसद गजेंद्रसिंह पटेल, डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी, अंतरसिंह आर्य सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
