
नई दिल्ली, 13 नवंबर 2025: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में लगभग एक दशक बाद हुए एक बड़े धमाके ने पूरे देश को दहला दिया है। सोमवार (10 नवंबर 2025) शाम लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास एक चलती I-20 कार में हुए ब्लास्ट में हमलावर आतंकी डॉ. उमर समेत 13 लोगों की जान चली गई, और कई लोग घायल हुए। केंद्र सरकार ने इस घटना को आधिकारिक तौर पर आतंकी हमला घोषित कर दिया है और इस पर प्रस्ताव भी पारित किया है। हमले के बाद देश भर में 500 से अधिक जगहों पर छापेमारी की गई है।
हड़बड़ी में दिया गया हमले को अंजाम
शुरुआती जांच से पता चला है कि आतंकियों का असली इरादा 6 दिसंबर को ब्लास्ट करने का था। हालांकि, पुलिस द्वारा उनके कुछ साथियों को पहले ही गिरफ्तार कर लेने के कारण वे डर गए। इसी डर में उन्होंने सोमवार शाम करीब 6 बजकर 52 मिनट पर रेड लाइट पर ही इस धमाके को हड़बड़ी में अंजाम दे दिया। हमले की भयावहता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि घटना के कई घंटों बाद भी घटनास्थल पर शवों के टुकड़े मिल रहे थे।
अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े साजिश के तार
जांच में खुलासा हुआ है कि इस आतंकी हमले की पूरी प्लानिंग फरीदाबाद की अल फलाह यूनिवर्सिटी से की गई थी। अब तक 2 दर्जन से ज़्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और सैकड़ों से पूछताछ हुई है, जिनमें गिरफ्तार किए गए कई डॉक्टर और छात्रों का कनेक्शन सीधे तौर पर इसी यूनिवर्सिटी से है। गिरफ्तार एक डॉक्टर ने 2 सालों से योजना बनाने की बात भी कबूली है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घायलों से मुलाकात की और साजिश रचने वालों को बख्शने से इनकार किया है।
