सतना :नवंबर के दूसरे पखवाड़े में पारा गिरने की घटना तो पिछले कुछ वर्षों में देखने को मिली थी. लेकिन नवंबर के पहले पखवाड़े में पारे के इस कदर गोता लगाने के मामले ने पिछले 10 वर्ष का रिकार्ड तोड़ दिया है. इसी कड़ी में मंगलवार को न्यूनतम तापमान घटते हुए अब इकाई अंक की ओर रुख करने को तत्पर नजर आने लगा.
मौसम कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसारी मंगलवार को शहर में अधिकतम तापमान 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
हलांकि पिछले 24 घंटे में दिन के तापमान में 0.4 डिग्री की मामूली बढ़त देखने को मिली. लेकिन इसके बावजूद भी दिन का तापमान सामान्य की तुलना में 2.1 डिग्री कम आंका गया. लेकिन रात का न्यूनतम तापमान की गिरावट रिकार्ड तोड़ती नजर आने लगी. मंगलवार को न्यूनतम तापमान घटते हुए 10.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया. यह गिरावट एक ओर जहां पिछले 24 घंटे में 0.7 डिग्री सेल्सियस की रही. लेकिन वहीं दूसरी ओर न्यूनतम तापमान में सामान्य की तुलना में 5.4 डिग्री सेल्सियस की अप्रत्याशित गिरावट देखने को मिली. जिसका नतीजा यह हुआ कि शाम से लेकर सुबह तक जबरदस्त ठिठुरन का दौर आरंभ हो गया. आलम यह रहा कि नवंबर के पहले पखवाड़े में ही रजाईयां बाहर आ गईं. मौसम विभाग के प्राप्त जानकारी के अनुसार नवंबर माह के प्रथम पखवाड़े में पिछले 10 वर्षों में तापमान में इतनी गिरावट देखने को नहीं मिली थी.
पहले भी गिरा है पारा
नवंबर महीने में पारा गिरने की घटनाएं पिछले कुछ वर्षों में सामने आ चुकी हैं. लेकिन पारे में यह गिरावट नवंबर के दूसरे पखवाड़े में ही देखने को मिली थीं. नवंबर के दूसरे पखवाड़े की बात की जाए तो 2016 में 10.8, 2017 में 9.2, 2018 में 11.3 और 2020 में 9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा चुका है. यहां तक की नवंबर महीने का निम्नतम न्यूनतम तापमान 30 नवंबर 1970 को 4.8 डिग्री सेल्सियस के तौर पर दर्ज किया गया था. लेकिन नवंबर के पहले पखवाड़े में पिछले 10 वर्ष में तापमान इतना नीचे नहीं आया. मौसम के तेवर का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि मंगलवार को सतना में दृश्यता घटकर 1-2 किमी तक पहुंच गई, जो विंघ्य में सबसे कम आंकी गई
