
जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट के पूर्व आदेश के अनुपालन में सोमवार को कटनी कलेक्टर आशीष तिवारी व ठेकेदार तिलक राज ग्रोवर हाजिर हुए। उन्होंने बताया कि बंद रास्ता खोल दिया गया है। चीफ जस्टिस संजीव सचदेवा व जस्टिस विनय सराफ की युगलपीठ ने कहा कि उक्त रास्ते को आगे भी खुला रखा जाए।
कटनी निवासी संदीप जायसवाल सहित अन्य ने एक याचिका दायर कर बताया कि कलेक्टर ने जिले की बरही तहसील के तीन गांवों की सडक़ एक ठेकेदार को लीज पर दे दी। ठेकेदार उस रास्ते पर गिट्टी डंप करने लगा, इससे रास्ता बंद हो गया। ग्रामीण परेशान होने लगे। प्रशासनिक स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं होने पर हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। पूर्व में न्यायालय ने अंतरिम आदेश के तहत रास्ता खोलने के निर्देश दिए थे। आदेश का पालन नहीं होने पर कोर्ट ने फटकार लगाते हुए कलेक्टर और ठेकेदार को व्यक्तिगत रूप से हाजिर होने कहा था। दरअसल, कटनी जिले की बरही तहसील के करौंदी खुर्द, कन्नौर और बिचपुरा गांव तक जाने के लिए यह एकमात्र सडक़ है। यहां से रोजाना सैकड़ों ग्रामीण तहसील और शहर आते-जाते हैं। एक जुलाई 2025 को खनिज विभाग की रिपोर्ट पर कटनी कलेक्टर ने बरही तहसील के ग्राम कन्नौर स्थित खसरा नंबर 861 की लगभग 65 हेक्टेयर भूमि को लीज पर दे दिया। सडक़ का इस्तेमाल खनन के बाद डंप करने के लिए होता है। इस जमीन का इस्तेमाल स्थानीय ग्रामीण कई सालों से कच्ची सडक़ के रूप में करते आ रहे हैं। राजस्व रिकॉर्ड में भी यह जमीन रास्ते के रूप में दर्ज है। जिसके बाद न्यायालय ने उक्त निर्देश दिये।
