
भोपाल। भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग आयुष मंत्रालय भारत सरकार ने सत्र 2025-26 के लिए मध्यप्रदेश के कुल 39 आयुर्वेद मेडिकल कॉलेजों को मान्यता प्रदान की है। इनमें सात शासकीय और 32 निजी कॉलेज शामिल हैं। राजधानी सहित प्रदेश के सभी प्रमुख जिलों के आयुर्वेद कॉलेज इस सूची में शामिल किए गए हैं। आयुष मेडिकल एसोसिएशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ राकेश पांडेय ने बताया कि इस वर्ष देशभर में कुल 565 आयुर्वेद कॉलेजों को मान्यता मिली है, जिनमें से 29 नए कॉलेज हैं जो इसी सत्र से प्रारंभ हुए हैं। मध्यप्रदेश के कॉलेजों को मान्यता मिलने से राज्य में आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलेगी और विद्यार्थियों के लिए अवसरों का विस्तार होगा।
डॉ पांडेय ने कहा कि आयुष मंत्रालय के अंतर्गत एनसीआईएसएम द्वारा कॉलेजों की मान्यता की प्रक्रिया छात्रहित में की गई है। आयोग का उद्देश्य देशभर में आयुर्वेद चिकित्सा संस्थानों की गुणवत्ता सुधारना और शिक्षा के स्तर को सुदृढ़ बनाना है। उन्होंने सुझाव दिया कि भविष्य में काउंसलिंग की प्रक्रिया प्रारंभ होने से पूर्व ही सभी कॉलेजों की मान्यता सूची जारी की जाए, ताकि विद्यार्थियों को प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
इसके साथ ही आयुष एडमिशन सेंट्रल काउंसलिंग कमेटी ने यूजी और पीजी प्रवेश की अंतिम तिथियों में भी विस्तार किया है। स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए कटऑफ डेट अब एक दिसंबर और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए 22 दिसंबर 2025 निर्धारित की गई है। आयोग के सचिव सच्चिदानंद प्रसाद द्वारा जारी इस आदेश से विद्यार्थियों को राहत मिलेगी और रिक्त सीटों पर प्रवेश का अवसर मिल सकेगा।
मध्यप्रदेश में आयुर्वेद चिकित्सा शिक्षा की दिशा में यह निर्णय एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है। इससे प्रदेश में पारंपरिक चिकित्सा पद्धति के अध्ययन और अनुसंधान को और गति मिलने की उम्मीद है।
