
रीवा। गांधी मेमोरियल अस्पताल (जीएमएच) के पीछे स्थित पुराने वार्ड और नर्सिंग कॉलेज के जर्जर भवन को गिराने का कार्य जारी है. इस कार्य को लेकर प्रक्रिया को लेकर सवाल उठ रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, भवन गिराने का ठेका बिना टेंडर प्रक्रिया और मूल्यांकन के दे दिया गया है.
स्थानीय जानकारों का कहना है कि भवन ध्वस्तीकरण से पहले मूल्यांकन और एनआईटी प्रक्रिया पूरी की जाती है, जिससे मलबे से प्राप्त सामग्री का मूल्य तय होता है और शासन को राजस्व प्राप्त होता है. आरोप है कि इस बार प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया और मलबे की सामग्री बेची जा रही है.
इस संबंध में एमपीबीडीसी के डीजीएम अजय ठाकुर ने बताया कि नया भवन निर्माण बाधित न हो, इसलिए केवल एक वार्ड और नर्सिंग कॉलेज का कुछ हिस्सा गिराया जा रहा है. मूल्यांकन कराया गया है और राशि शासन के खाते में जमा कराई जा चुकी है या प्रक्रिया में है. अन्य भवनों के लिए एनआईटी जारी करने की प्रक्रिया चल रही है.
इस मामले में विभागीय स्तर पर नियम पालन और पारदर्शिता को लेकर जांच की मांग भी उठ रही है.
