
भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खण्डेलवाल ने संगठनात्मक दक्षता और निर्णय क्षमता का परिचय देते हुए पदग्रहण के केवल तीन माह 21 दिन के भीतर प्रदेश कार्यकारिणी का गठन कर दिया है। यह कदम अपने आप में एक नई मिसाल है, क्योंकि पूर्ववर्ती प्रदेश अध्यक्षों को कार्यकारिणी गठित करने में कहीं अधिक समय लगा था। तुलनात्मक रूप से देखा जाए तो पूर्व अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा को कार्यकारिणी की घोषणा करने में 10 माह 28 दिन, स्व. नंदकुमार सिंह चौहान को 7 माह 5 दिन और स्व. प्रभात झा को 4 माह 6 दिन का समय लगा था, जबकि हेमंत खण्डेलवाल ने रिकॉर्ड समय में नई टीम बनाकर संगठनात्मक गति और सक्रियता का नया मानक स्थापित किया है।
नई कार्यकारिणी में 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री और 9 मंत्री शामिल किए गए हैं, जबकि कुछ पद संगठनात्मक समायोजन की दृष्टि से जानबूझकर रिक्त रखे गए हैं। पिछली कार्यकारिणी की तुलना में यह टीम आकार में छोटी लेकिन अधिक चुस्त, प्रभावी और कार्यकुशल बताई जा रही है। उल्लेखनीय है कि पिछली कार्यकारिणी में 14 उपाध्यक्ष, 14 मंत्री और 5 महामंत्री थे। नई 29 सदस्यीय कार्यकारिणी में 13 पुराने पदाधिकारी और 16 नए चेहरे शामिल हैं, जिससे अनुभव और युवा ऊर्जा का संतुलित समावेश दिखाई देता है।
महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए खण्डेलवाल ने इस कार्यकारिणी में 7 महिलाओं को शामिल किया है। इसके साथ ही सभी वर्गों, क्षेत्रों और आयु समूहों का संतुलित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया गया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार यह कार्यकारिणी न केवल आकार में सीमित और व्यवस्थित है बल्कि निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी अधिक गतिशील सिद्ध होगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि हेमंत खण्डेलवाल ने कम समय में कार्यकारिणी का गठन कर यह संदेश दिया है कि वे केंद्रीय नेतृत्व के विश्वास पर पूरी तरह खरे उतरे हैं और प्रदेश संगठन को नई ऊर्जा, संतुलन और दिशा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
