नीमच। शहर के व्यापारिक गलियारों में उस वक्त हडक़ंप मच गया जब जीएसटी विभाग की 10 सदस्यीय टीम ने तिलक मार्ग स्थित प्रसिद्ध ड्राय फ्रूट फर्म धुलचंद परसराम एंड सन्स पर अचानक छापामार कार्रवाई कर दी। मंगलवार दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुई इस कार्रवाई ने नीमच के कारोबारी वर्ग में हलचल पैदा कर दी।
कर चोरी की शिकायतों के बाद हुई कार्रवाई
सूत्रों की मानें तो इस फर्म के खिलाफ लंबे समय से कर चोरी से जुड़ी गोपनीय शिकायतें विभाग को मिल रही थीं। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर वाणिज्य कर विभाग ने छानबीन की योजना बनाई और बिना किसी पूर्व सूचना के दबिश दी गई।
कार्रवाई का नेतृत्व कर रहे डिप्टी कमिश्नर राजीव परिहार के मुताबिक यह केवल एक स्थानीय कार्रवाई नहीं है, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में चल रहे व्यापक अभियान का हिस्सा है। कर अपवंचन की शिकायतों पर सख्त निर्देशों के तहत कार्रवाई की जा रही है।
दस्तावेजों और स्टॉक की गहन जांच
टीम ने मौके पर पहुंचते ही फर्म का स्टॉक, रजिस्टर, बिल बुक, और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की बारीकी से जांच शुरू की। फर्म संचालकों से पूछताछ करते हुए विक्रय और खरीद का मिलान किया गया। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में कई अनियमितताएं सामने आ रही हैं, जिन्हें दस्तावेजों के गहन परीक्षण के बाद ही स्पष्ट किया जाएगा।
कौन-कौन रहे शामिल
कार्रवाई के दौरान विभाग की टीम में शामिल थे
– डिप्टी कमिश्नर राजीव परिहार
– असिस्टेंट कमिश्नर जे.एस. बघेल
– एन.के. विश्नोई
– मुकेश परमार, साथ ही नीमच जिला जीएसटी अधिकारी और अन्य तकनीकी अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे।
व्यापारियों में चर्चा, बाकी फर्में भी निशाने पर
इस कार्रवाई के बाद शहर के व्यापारिक वर्ग में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। माना जा रहा है कि जीएसटी विभाग की नजर अन्य प्रमुख फर्मों पर भी है, और आने वाले दिनों में नीमच सहित आस-पास के जिलों में कई और छापे मारे जा सकते हैं।
