कैंट बोर्ड स्थित आधार केंद्र के हाल बेहाल
जबलपुर:कैंट बोर्ड में स्थित आधार केंद्र जनता के लिए मुसीबत का कारण बन गया है। केंद्र में आधार कार्ड के लिए मात्र एक मशीन है। वह भी पिछले बीस दिनों से बंद पड़ी हुई है। आवेदक आधार कार्ड बनवाने और अपडेट कराने यहां आ तो रहे हैं, लेकिन वेबसाइट ठप होने के कारण मायूस होकर लौट रहे हैं। हर दिन बड़ी संख्या में लोग आधार कार्ड अपडेट कराने कैंट बोर्ड के आधार केंद्र पहुंचते है, परंतु केंद्र में बैठे अधिकारियों की माने तो आधार कार्ड अपडेट करने वाली साइट रिन्यूअल के चलते एक माह के लिए बंद की गई है। आवेदकों की परेशानी आधार के जिम्मेदार और केंट बोर्ड के अधिकारी भी जानते हैं। इसके बाद भी आवेदकों की समस्या का समाधान नहीं हो रहा है।
अभी सिर्फ कलेक्ट्रेट और डाक विभाग में हो रहा अपडेट
आधार सेंटर के अधिकारियों की माने तो कैंट बोर्ड केंद्र में हर दिन 30 से 45 लोग आधार संबंधी कामों को लेकर आते हैं। जिसमें ज्यादा तर कार्ड अपडेट वाले रहते हैं। कई लोग अपने बच्चों का नया आधार कार्ड बनवाने आते हैं। कार्ड बनवाने के लिए आवेदक आधार सेंटर खुलने से पहले आकर लाइन लगा लेते हैं। लेकिन अधिकारियों द्वारा बताया गया कि आधार अपडेट को लेकर प्राइवेट में चल रही वेबसाइट को मेंटेनेंस के लिए कम से कम एक माह के लिए बंद किया गया है। ऐसे में अभी सिर्फ कलेक्ट्रेट और डाक विभाग के कार्यालयों में ही आधार अपडेट किया जा रहे हैं। यहां पर एक मशीन होने से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं और बुजुर्गों को होती है।
जब रहता सर्वर तब भी परेशानियां कम नहीं
कैंट बोर्ड के आधार केंद्र में सदर व आसपास के लोग आते हैं। इनका ज्यादातर समय यहां लगी कतार में ही बीत जाता है। इस बात की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को भी है। इसके बाद भी वे जनता के कीमती समय और परेशानी से निजात दिलाने कोई निर्णय नहीं ले रहे हैं। उन्हें केवल आधार कार्ड के पंजीयन से होने वाली कमाई से मतलब है। यहां आए लोगों का कहना है कि आधार सेंटर में और भी मशीने लगनी चाहिए, जिससे जनता की सहूलियत बढ़ सके।
जरूरी दस्तावेजों में से एक आधार
जानकारों कि माने तो केंद्र और राज्य सरकारी की सभी योजनाओं में आधार कार्ड अनिवार्य कर दिया है, इसलिए लोग आधार बनवाने के लिए मजबूरी में लंबी कतार में घंटो खड़े रहते हैं और सर्वर डाउन रहने के कारण मायूस होकर लौट जाते हैं। आवेदकों की मजबूरी का फायदा जिम्मेदार अधिकारी उठा रहे हैं। आवेदकों को जितनी भी परेशानी होती है वे इसे झेल कर आधार को फिर भी अपडेट कराने पहुंचते हैं।
