
मंडला। ग्राम पंचायत बरबटी में आयोजित ग्राम सभा में ग्रामीणों ने संगठित होकर गांव को नशा मुक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और कड़ा निर्णय लिया है। सरपंच भगत सिंह कुशरे की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में नशा मुक्ति के लिए दंडात्मक प्रावधानों को सर्वसम्मति से पारित किया गया। बताया गया कि ग्राम सभा में उपस्थित 109 सदस्यों में 67 महिलाओं और 42 पुरुषों ने चर्चा के बाद यह निर्णय लिया कि गांव की सुख-शांति और युवाओं के भविष्य को बचाने के लिए कड़े कदम उठाना अनिवार्य है। इसके तहत इस प्रावधान के लिए जुर्माने भी तय किए गए हैं।
बताया गया कि ग्राम बरबटी की सीमा के भीतर शराब पीते हुए पकड़े जाने वाले व्यक्ति पर पांच हजार रूपए का आर्थिक दंड लगाया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति अवैध रूप से शराब या गांजा बेचते या इसका व्यापार करते हुए पाया जाता है, तो उस पर भी पांच हजार रूपए का जुर्माना अधिरोपित किया जाएगा। नशे के इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए ग्राम सभा ने प्रोत्साहन योजना भी शुरू की है। इन गतिविधियों की सटीक सूचना देने वाले व्यक्ति को दो हजार रूपए का पुरस्कार देने का निर्णय लिया गया है।
महिलाओं ने संभाली कमान, निकाली जागरूकता रैली :
नशा मुक्ति अभियान को गति देने के लिए ग्राम सभा के बाद उपस्थित महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ गांव में एक विशाल रैली निकाली। नशा छोड़ो, घर जोड़ो जैसे नारों के साथ महिलाओं ने घर-घर जाकर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया। ग्राम सभा में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक 67 महिला, 42 पुरुष रही।
विकसित भारत अधिनियम पर भी हुई चर्चा :
नशा मुक्ति के अलावा सभा में विकसित भारत अधिनियम 2025 के व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित जनसमुदाय को सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर सरपंच भगत सिंह कुशरे, सचिव गंगाराम पंद्राम और सह-सचिव प्रताप सिंह कुशरे सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित रहे।
