मार्च में औद्योगिक वृद्धि दर 3.0 प्रतिशत, अप्रैल-मार्च 2024-25 में औद्योगिक उत्पादन 4.0 प्रतिशत बढ़ा

नयी दिल्ली, 28 अप्रैल (वार्ता) सरकार द्वारा सोमवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार औद्योगिक उत्पादन सूचकांक पर आधारित त्वरित अनुमान के अनुसार मार्च 2025 में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि सालाना आधार पर 3.0 प्रतिशत रही है जो फरवरी 2025 माह में 2.9 प्रतिशत (त्वरित अनुमान) थी।

विश्लेषक वर्तमान वातावरण में इसे एक अच्छे प्रदर्शन के रूप में देख रहे।

अप्रैल-मार्च 2024-25 में औद्योगिक उत्पादन में एक साल पहले की इसी अवधि की तुलना में 4.0 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी जो 2023-24 के 5.9 प्रतिशत की तुलना में कम है।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्‍वयन मंत्रालय की एक विज्ञप्ति के अनुसार त्वरित अनुमान में मार्च 2025 के लिए खनन, विनिर्माण और बिजली- इन तीन उद्योग खेत्रों की उत्पादन वृद्धि दर क्रमशः 0.4 प्रतिशत, 3.0 प्रतिशत और 6.3 प्रतिशत रही।

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक मार्च 2024 के 160.0 की तुलना में मार्च 2025 में 164.8 रहा। इस वर्ष मार्च महीने के लिए खनन, विनिर्माण और बिजली क्षेत्रों के लिए औद्योगिक उत्पादन सूचकांक क्रमशः 156.8, 160.9 और 217.1 रहे।

विज्ञप्ति में बताया गया कि विनिर्माण क्षेत्र में 23 उद्योग समूहों में से 13 समूहों ने मार्च 2024 की तुलना में मार्च 2025 में उत्पादन ऊंचा रहा। इस दौरान विनिर्माण क्षेत्र में तीन उद्योगों- मूल धातुओं (6.9 प्रतिशत), मोटर वाहनों, ट्रेलरों और अर्ध-ट्रेलर (10.3 प्रतिशत) और विद्युत उपकरण विनिर्माण क्षेत्र (15.7 प्रतिशत) की वृद्धि सबसे अच्छी रही। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में इन तीनों विनिर्माण क्षेत्रों का भारांक क्रमश: 12.8 , 4.86 और 2.99 है।

उपयोग आधार वर्गीकरण के अनुसार, मार्च 2025 के लिए प्राथमिक वस्तुओं के लिए सूचकांक 168.2, पूंजीगत वस्तुओं के लिए 134.8, मध्यवर्ती वस्तुओं के लिए 173.1 और बुनियादी ढांचे/निर्माण वस्तुओं के लिए 212.3 है। इसके अलावा, उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं और उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं के सूचकांक क्रमशः 138.5 और 147.9 हैं।

उपयोग-आधारित वर्गीकरण के अनुसार मार्च 2025 में प्राथमिक वस्तु उद्योग के उत्पादन में 3.1 प्रतिशत, पूंजीगत वस्तुओं में 2.4 प्रतिशत, मध्यवर्ती वस्तुओं में 2.3 प्रतिशत, बुनियादी ढांचे/निर्माण वस्तुओं में 8.8 प्रतिशत, और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं में 6.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गयी।

उपभोक्ता गैर-टिकाऊ वस्तुओं का उत्पादन सालाना आधार पर 4.7 प्रतिशत कम रहा।

एमपी फाइनेंशियल एडवाइजरी सर्विसेज के संस्थापक और प्रबंध भागीदार महेंद्र पाटिल ने कहा,“वित्त वर्ष 2025 में औद्योगिक उत्पादन में चार प्रतिशत की वृद्धि, इससे पिछले वित्त वर्ष के 5.9 प्रतिशतसे कम है पर यह व्यापक आर्थिक वातावरण के बीच एक मजबूत औद्योगिक प्रदर्शन को दर्शाती है।”

उन्होंने कहा,“मार्च 2025 में औद्योगिक वृद्धि तीन प्रतिशत पर स्थिर रही, जिसे मुख्य क्षेत्रों के मजबूत प्रदर्शन का समर्थन प्राप्त था। शुद्ध प्रत्यक्ष कर (13.57 प्रतिशत) और जीएसटी संग्रह (9.44 प्रतिशत ) में मजबूत वृद्धि औपचारिक क्षेत्र और सेवा-संचालित गतिविधियों में जुझारूपन को रेखांकित करती है। व्यापक अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी नरम है। स्थिर कोर सेक्टर, मजबूत कर राजस्व संग्रह और सौम्य मुद्रास्फीति वित्त वर्ष 2026 में मजबूत आर्थिक वृद्धि के लिए एक अनुकूल वातावरण प्रदान करते हैं।”

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