
शाजापुर। जिले के ग्राम मझानिया में एक 4 से 5 वर्षीय बालक को खांसी होने पर गांव में ही एक झोलाछाप डॉक्टर को दिखाया तो उसने अपने पास से लीकॅफ सायरप दी। बच्चे को सायरप देने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजन पहले उसे एक निजी अस्पताल में ले गए, जहां से उसे बुधवार रात 8 बजे करीब शाजापुर जिला अस्पताल भेज दिया गया। जिला अस्पताल में बालक का उपचार जारी है।
इस मामले में बालक रेहान के पिता राजेश राव ने बताया बच्चे को खांसी हो रही थी, उसे गांव के डाक्टर मनोहर सिंह राजपूत को दिखाया, उन्होंने उसे एक सायरप पीने के लिए दी। बच्चे को दिन में दो बार सायरप दी तो उसकी तबियत बिगड़ गई। तबियत खराब होने पर महुपुरा मैं स्थित एक प्राइवेट क्लीनिक पर लेकर आया।सायरप देखने के बाद वहां बताया यह प्रतिबंधित है। इसे उपचार के लिए शासकीय अस्पताल में ले जाएं। उपचार के लिए जिला अस्पताल में लेकर आएं, यहां उपचार जारी है।
वही इस मामले में डॉक्टर मनोहर सिंह से बात की गई तो पहले तो उन्होंने फोन उठाया उसके बाद जवाब नहीं दिया दूसरा फोन लगाया तो उनका फोन स्विच ऑफ आया।
वही इस मामले में ड्रग्स अधिकारी प्रदीप अहिरवार का कहना जिस कांबिनेशन की यह दवाई दी गई है वह प्रतिबंधप्रतिबंध गाइडलाइन में नहीं है। लेकिन सामान्य तौर पर छोटे बच्चों को किसे भी तरह का सायरप देने के लिए मना किया गया है।
