
रीवा। नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लेने के मामले में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी को 6 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 20 हजार के अर्थदंड से दंडित किया है.
प्रकरण की पैरवी करने वाले अपर लोक अभियोजक उमेश कुमार मिश्रा ने बताया कि 20.10.2006 के पूर्व आरोपी रामचरित विश्वकर्मा द्वारा नौकरी लगवाने के लिये फरियादी चन्द्रभूषण विश्वकर्मा, चन्द्रशेखर विश्वकर्मा, एवं सूर्यमणि विश्वकर्मा और अन्य लोगों से पैसा लिया गया. जिसमें फरियादी द्वारा 24.03.2008 को आरोपी रामचरित विश्वकर्मा एवं दिग्विजयनाथ त्रिपाठी के विरूद्ध थाना बैकुण्ठपुर में प्रथम सूचना रिपोर्ट लेख कराई गई. थाना बैकुण्ठपुर द्वारा धारा 420, 467, 468, 34 भादसं में अपराध क्रमांक 43 / 2008 पंजीबद्ध किया गया. जिसमें विवेचना उपरान्त 18.12.2014 को न्यायिक दण्डाधिकारी सिरमौर की न्यायालय में चालान प्रस्तुत किया गया. इसके पश्चात् उपार्पण में तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश, रीवा द्वारा प्रकरण का विचारण किया गया. अभियोजन द्वारा 13 साक्षियों का मुख्यपरीक्षण एवं प्रतिपरीक्षण कराया गया, जिसमें वारीन्द्र कुमार तिवारी, तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश द्वारा आरोपी रामचरित विश्वकर्मा को 6 वर्ष के कारावास एवं 20,000/-रूपये के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया.
