
महेश मिश्रा
भिंड। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं प्रदेश कांग्रेस संघठन व्दारा प्रदेश जिलाध्यक्षो की सूची जारी की गई है, जिसमे ग्वालियर चंबल संभाग में ब्राह्मण एंव गुर्जर समुदाय को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया जिससे दोनो समुदाय के आमजन मे गहरा असंतोष है
जबकि ग्वालियर चंबल संभाग मे ब्राह्मण और गुर्जर समुदाय काफी अधिक संख्या बल में है।
इन दोनों समाजों के नेताओं ने सवाल किया कि क्या कांग्रेस मे ब्राह्मण और गुर्जर समुदाय के लिए कोई स्थान शेष नहीं रहा, चंबल संभाग के मुरेना जिले मे गुर्जर समुदाय सबसे अधिक संख्या बल में निवास कर रहा है, जहाँ से अनेक बार गुर्जर समुदाय के नेता विधायक के रूप मे निर्वाचित होते रहे हैं,
इसी प्रकार ग्वालियर चंबल क्षेत्र से भिंड व ग्वालियर सहित अन्य जिलो से ब्राह्मण समुदाय से विधायक निर्वाचित होकर मध्यप्रदेश सरकार मे मंत्री रहे हैं। इस प्रकार कांग्रेस पार्टी व्दारा ब्राह्मण व गुर्जर समुदाय की अनदेखी करना कांग्रेस पार्टी के लिए कही न कही कठिन डगर की ओर इंगित अवश्य करता नजर आता है,
जबकि कांग्रेस सांसद एवं नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के निर्देशो के अनुसार हर जाति वर्ग को अनुपात के अनुरूप व्यवस्था मे जिम्मेदारी देने वाले वादे को ही मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी व्दारा दरकिनार कर दिया गया है। ग्वालियर चंबल संभाग के बडे समुदाय ब्राह्मण व गुर्जर समुदाय की उपेक्षा करना कितना सही कितना गलत होगा यह तो आने वाला समय ही बयां करेगा।
