
पचमढ़ी: जिला कांग्रेस अध्यक्षों के चल रहे संगठनात्मक प्रशिक्षण शिविर के चौथे दिन पिपरिया विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस नेताओं ने क्षेत्र के कई गांवों में व्यापक जनसंपर्क किया। इस दौरान जिला कांग्रेस कमेटी पदाधिकारी एवं वर्तमान जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों की समस्याओं को नजदीक से समझने के उद्देश्य से लोगों से सीधा संवाद स्थापित किया।
कांग्रेस नेताओं ने गांवों में पहुंच कर विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय निवासियों से पूछा कि क्या सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उन्हें समय पर और पूर्ण रूप से प्राप्त हो रहा है। इस दौरान शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, पेयजल की स्थिति, आजीविका योजनाओं और पंचायत व्यवस्था समेत बुनियादी सुविधाओं की स्थिति की जांच की गई। इसके साथ ही विकास कार्यों की गति और गुणवत्ता का भी आकलन किया गया।
प्रत्यक्ष निरीक्षण के दौरान कांग्रेस प्रतिनिधियों ने पाया कि कई योजनाएं कागजों पर तो सक्रिय हैं लेकिन ज़मीनी स्तर पर उनके लाभ सीमित या असंगत रूप से ही लोगों तक पहुंच पा रहे हैं। कुछ स्थानों पर स्वच्छ पेयजल और प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं जैसी बुनियादी सेवाओं की कमी स्पष्ट दिखाई दी। कांग्रेस नेताओं ने इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि इन मुद्दों को पार्टी उचित मंचों पर मजबूती से उठाएगी।
नेताओं ने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी वर्ग की आवाज़ को प्रभावी रूप से सामने लाना आवश्यक है, ताकि उन्हें वास्तविक विकास और प्रशासनिक जवाबदेही प्राप्त हो सके। उन्होंने बताया कि इस प्रकार के जनसंवाद और जमीनी निरीक्षण से न केवल समस्याओं की सही जानकारी मिलती है, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर जनता के साथ मजबूत संबंध भी स्थापित होते हैं।
कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि आगे भी इस तरह के जनसंपर्क और निरीक्षण कार्यक्रम जारी रहेंगे, ताकि विकास कार्यों का लाभ वास्तव में उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।
