नयी दिल्ली, 18 मार्च (वार्ता) स्टार क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने बीसीसीआई नमन अवॉर्ड्स में ‘सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेटर (महिला)’ का खिताब जीतकर अपने शानदार सीजन का समापन किया। उन्होंने विश्वकप जीत का श्रेय टीम की मेहनत और तैयारी को दिया।
यह साल मंधाना के लिए निजी उपलब्धियों और वैश्विक मंच पर भारत की जीत, दोनों के लिहाज से बेहद यादगार रहा। उन्होंने व्यक्तिगत सम्मानों के बजाय टीम की सामूहिक सफलता को अधिक महत्व दिया।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के एक वीडियो में मंधाना ने कहा, “यह साल बहुत अच्छा रहा। मैं अपनी निजी प्रदर्शन के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कह सकती, क्योंकि जिस तरह से हमने विश्व कप खेला और उसे जीता, वह अपने आप में बहुत खास था। लेकिन मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर भी यह साल बहुत अच्छा रहा, क्योंकि मैं टीम के लिए जो कुछ भी कर सकती थी, मैंने किया और मुझे खुशी है कि मैं इसमें अपना योगदान दे पाई।”
उन्होंने सभी फॉर्मेट में भारतीय क्रिकेट के पुनरुत्थान पर भी बल दिया और बताया कि पुरुष और महिला, दोनों टीमों के लिए यह दौर कितना शानदार रहा है।
उन्होंने कहा, “जैसा कि मैंने अपनी स्पीच में जिक्र किया था, चार विश्व कप और एक चैंपियंस ट्रॉफी यह वाकई कमाल की बात है। भारतीय क्रिकेट के लिए कुछ साल ऐसे भी रहे, जब कोई विश्व कप नहीं हुआ था और लोगों के पास कहने के लिए बहुत कुछ था। लेकिन पिछले दो सालों में जिस तरह से भारतीय क्रिकेट ने वापसी की है और जो कुछ हासिल किया है, वह सचमुच अद्भुत है। और इस शाम का हिस्सा बनना, साथ ही सभी टीमों की सफलता का जश्न मनाना यह अपने आप में एक शानदार अनुभव है।”
मंधाना ने टीम की सफलता का श्रेय पर्दे के पीछे किए गए काम को दिया और तैयारी तथा प्रशासनिक सहयोग के महत्व पर बल दिया। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के खेल को आगे बढ़ाने में जय शाह की भूमिका को सराहा, खासकर विमेंस प्रीमियर लीग जैसी पहलों के जरिए।
उन्होंने कहा, “अगर आप कुछ खास करना चाहते हैं, तो आप विश्व कप जीतना चाहते हैं। यह केवल विश्व कप के दौरान ही नहीं हो जाता। इसकी तैयारी पहले से शुरू करनी पड़ती है। और सच कहूं तो, हमारे लिए जय (शाह) सर पिछले तीन-चार सालों में, जब से वह आए हैं और डब्ल्यूपीएल लाए हैं, तब से बहुत ही शानदार रहे हैं। डब्ल्यूपीएल ने सचमुच महिलाओं के क्रिकेट खेलने के तरीके को बदल दिया है। और फिर, मैच फीस के मामले में भी बराबरी का दर्जा मिला है। और, इन सब बड़ी चीजों के अलावा, छोटी-छोटी बातों का भी ध्यान रखा गया है।”
उन्होंने एक चैंपियन टीम बनाने में बेहतर इंफ़्रास्ट्रक्चर और सहयोग प्रणालियों की भूमिका पर भी बल दिया।
मंधाना ने कहा, “जिस तरह का सपोर्ट स्टाफ हमें दिया गया, जिस तरह की सुविधाएं दी गईं, हमने जो कुछ भी मांगा, वह हमें मिला। इसलिए जब आप इस तरह की चीजें करते हैं, और उन्हें सही तरीके से करते हैं, तो नतीजे जरूर मिलते हैं। और अंडर-19 महिला टीम का विश्व कप जीतना, डब्ल्यूपीएल का नए सितारे बनाना और फिर हमारा विश्व कप जीतना यह तो बस किसी बहुत बड़ी चीज की शुरुआत है।”
