
बैतूल।बैतूल जिले की आठनेर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम जावरा ने सामाजिक सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाते हुए गांव की सीमा में पूर्ण शराबबंदी लागू करने का निर्णय लिया है। बुधवार को सामुदायिक भवन में आयोजित ग्रामसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित किया गया। इसके तहत गांव में किसी भी प्रकार की शराब की बिक्री और सेवन, चाहे वह वैध हो या अवैध, पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
इस निर्णय के पीछे गांव के युवाओं की जागरूकता और एकजुटता प्रमुख रही। पिछले कई महीनों से युवा शराब के कारण उत्पन्न सामाजिक समस्याओं, पारिवारिक विवादों और युवाओं पर पड़ रहे नकारात्मक प्रभाव को लेकर चिंतित थे। उन्होंने गांव में आंगनवाड़ी केंद्र, शासकीय प्राथमिक विद्यालय और सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के आसपास खुलेआम हो रही शराब बिक्री का विरोध किया और इसे बच्चों के भविष्य के लिए हानिकारक बताया।
युवाओं ने 9 फरवरी को ग्राम पंचायत को लिखित आवेदन देकर गांव में शराब की बिक्री पूरी तरह बंद करने की मांग की थी। इस पर पेसा अधिनियम 2022 के तहत गठित शांति एवं विवाद निवारण समिति ने संज्ञान लेते हुए 16 फरवरी को आकस्मिक ग्रामसभा बुलाने का निर्णय लिया। इसकी सूचना तहसीलदार, जनपद पंचायत सीईओ और आठनेर थाना प्रभारी को पूर्व में ही भेज दी गई थी।
बुधवार को आयोजित ग्रामसभा में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया। शराब के दुष्प्रभावों और सामाजिक नुकसान पर विस्तृत चर्चा के बाद सभी ने एकमत होकर पूर्ण शराबबंदी के प्रस्ताव का समर्थन किया।
ग्राम पंचायत अब इस प्रस्ताव को जिला प्रशासन को भेजेगी, ताकि इसे कानूनी रूप से प्रभावी बनाकर सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जा सके। ग्रामीणों का मानना है कि इस फैसले से गांव में सामाजिक सौहार्द बढ़ेगा, घरेलू हिंसा और विवादों में कमी आएगी तथा युवाओं को सुरक्षित और सकारात्मक वातावरण मिलेगा।
गांव के बुजुर्गों और महिलाओं ने भी इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे उज्जवल भविष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है। जावरा गांव की यह पहल जिले और क्षेत्र के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है।
