
इंदौर: स्मार्ट सिटी के तहत इंदौर की तस्वीर बदली जा रही है. वहीं शहर के मुख्य रेलवे स्टेशन के स्वरूप को बदलने की भी कवायद चल रही है, इतने बड़े प्रोजेक्ट के होने के बावजूद भी परिसर में अस्वच्छता पैर पसारे हुए हैं.रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन सैकड़ो मेहमान यात्रियों का आवागमन होता है. रेलवे परिसर में कई जगह गंदगी फैली देखी गई है. जब परिसर में दो पहिया वाहन पार्किंग पर नजर गई तो दृश्य चौंकाने वाला था.
पार्किंग तक पहुंचाने के लिए जो रास्ता है वहां कठिनाइयों से भरा हुआ है. लोग दो पहिया वाहन से अंदर जाते तो है लेकिन पत्थरों और ईटों पर पैर रखते हुए बाहर आते हैं क्योंकि रेलवे परिसर का चैंबर ओवरफ्लो होता है. इसका गंदा पानी पार्किंग स्थल पर अंदर से लेकर बाहर तक लबालब भरा रहता है. पार्किंग में वाहन चालक से लेकर पार्किंगकर्मियों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. यहां समस्या पिछले कई महीनों से है. कई बार शिकायत करने के बावजूद रेलवे के नीचे से लेकर उच्च अधिकारी तक नजरअंदाज कर रहे हैं.
इनका कहना है
आप खुद देखिए पार्किंग के बाहर तक के सीवरेज का गंदा पानी भरा पड़ा है. जबकि पार्किंग का 60 रुपए शुल्क दिया है. बावजूद इसके इस तरह की असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है.
– रितेश परमार निवासी भेरू घाट
स्वच्छता में तो इंदौर का नाम चलता है. पता नहीं इतना गंदा पानी क्यों भरा हुआ है. पार्किंग में भी गटर का पानी फैला हुआ है. जबकि यहां शहर का सबसे बड़ा रेलवे स्टेशन है.
– साजिद खान निवासी नागदा
पहले पीछे के रास्ते से गंदा पानी आता था. अब आगे बने चेंबर का गंदा पानी फ़ैल रहा हैं. यात्रियों के जूते, कपड़े व सामान खराब होते हैं. शिकायत करने के बावजूद कुछ नहीं हुआ.
– आशीष तिवारी, पार्किंग कर्मी
