इंदौर:सिखों के पहले गुरु नानक देवजी के प्रकाश पर्व को भव्य और धूमधाम से मनाने के लिए शहर में तैयारियां जोरों पर हैं. गुरुद्वारों को 5 नवंबर प्रकाश पर्व के लिए कहीं लाइटों से तो कहीं गुलाब और तरह-तरह से फूलों से सजाया जा रहा है. श्री गुरु नानक देव जी महाराज के 556वें प्रकाश पर्व के उपलक्ष्य में कल रविवार को इंदौर में पारंपरिक नगर कीर्तन निकाला गया. नगर कीर्तन का जगह-जगह मंचों से स्वागत किया गया. इसमें बड़ी संख्या में सिख समाजजन सफेद वेशभूषा में शामिल हुए.
नगर कीर्तन की शुरुआत गुरुद्वारा इमली साहिब से हुई. नगर कीर्तन राजवाड़ा, शास्त्री ब्रिज, रीगल तिराहा, आरएनटी मार्ग, पटेल ब्रिज, जवाहर मार्ग रोड से होते हुए वापस गुरुद्वारा इमली साहिब पर समाप्त हुआ. नगर कीर्तन में राऊ, बेटमा साहिब और शहर के सभी गुरुद्वारों के शब्दी जत्थे शामिल हुए. नगर कीर्तन में पुरुष जहां सफेद ड्रेस और बसंती पगड़ी में, तो महिलाएं सफेद परिधानों और बसंती दुपट्टे में शामिल हुई थीं. नगर कीर्तन का कई स्थानों पर पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया. नगर कीर्तन में कई पुरुष और महिलाएं हाथों में झाड़ू लेकर नंगे पैर सबसे आगे रोड की सफाई करते हुए चल रहे थे.
जुलूस रोककर एम्बुलेंस को दिया रास्ता
नगर कीर्तन जब रीगल तिराहे से गुजर रहा था, उस समय एमजी रोड की ओर से एक एम्बुलेंस आई. एम्बुलेंस के सायरन की आवाज सुन समाज के कुछ युवा तुरंत हरकत में आए और उन्होंने एम्बुलेंस को निकालने के लिए रास्ता बनाया. उन्होंने नगर कीर्तन में शामिल लोगों को एक तरफ रोक दिया, जिससे एम्बुलेंस को रास्ता मिल गया और वह हाईकोर्ट चौराहे की तरफ रवाना हो गई.
बदलाव : संगत गुरुघर में जमा कराए पैसे
श्री गुरु सिंघ सभा ने कई सालों से ड्यू टैक्स को भरने के लिए गुरुपर्व में काफी बदलाव किए गए हैं. इस बार नगर कीर्तन मार्ग पर पहले की तुलना में स्वागत मंच कम लगाए गए थे. श्री गुरु सिंघ सभा ने संगत से इस बार स्टॉल ना लगाकर वो पैसा गुरुघर में जमा करने की अपील की गई थी, ताकि एक बार में ही सारा टैक्स जमा कराया जा सके.इससे टैक्स के लिए लगभग 30 लाख रुपए की राशि जमा हो चुकी
यह बोले समाजजन…
हमारा समाज गुरुनानक देव जयंती बड़े ही हर्ष उल्लास के साथ मनाता है. आज नगर कीर्तन में भी बड़े उत्साह और श्रद्धाभाव से समाजजन बड़ी संख्या में शामिल हुए हैं. 3 दिन बाद 5 नवंबर को भी अच्छी खासी संख्या में समाजजन और इंदौर की जनता यह पर्व मनाएगी.
– जगमोहन सिंह सलूजा
यह एक धार्मिक कार्यक्रम है, जो कि हम सभी एकजुट होकर मनाते आ रहे हैं. प्रकाश पर्व सिख समाज ही नहीं, दूसरे समाज बंधु भी श्रद्धा के साथ इसमें अपना सहयोग और योगदान देते हैं, यही तो हमारे इंदौर की खासियत है.
– प्रीतपाल सिंह टुटेजा
