उज्जैन: तिनका-तिनका जोड़कर जिन्होंने अपने आशियाने बनाए थे, वह मकान मालिक आज अपने ही हाथों से अपने मकान न सिर्फ तोड़ रहे हैं, बल्कि जिला प्रशासन से लेकर मध्यप्रदेश सरकार का विकास के तहत आभार भी प्रकट कर रहे है. आने-वाले भविष्य के बारे में इस चौड़ीकरण की योजना को मिल का पत्थर बता रहे हैं. महाकाल के नगरी उज्जैन से दो तस्वीर सामने आई है जिसमें बगैर मुआवजा अपना सहयोग दे रहे हैं.
सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों ने धर्मनगरी उज्जैन में गति पकड़ ली है। शहर के यातायात और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से कई प्रमुख मार्गों के चौड़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर जारी है. इन विकास परियोजनाओं की दो तस्वीरें सामने आ रही हैं, जो एक ओर जन-सहयोग का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत करती हैं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय निवासियों नुकसान के बावजूद चौड़ीकरण को आने वाले भविष्य के लिए सुखमय तस्वीर बताया है.
खजूरवाली मस्जिद से बड़े पुल तक
शहर के एक महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग, खजूरवाली मस्जिद से केडी गेट, जूना सोमवारिया होते हुए शिप्रा बड़े पुल तक, चौड़ीकरण का कार्य नागरिकों की अभूतपूर्व स्वैच्छिक सहभागिता के साथ प्रारंभ हो गया है. इस मार्ग को लगभग 18 मीटर (करीब 60 फीट) चौड़ा कर 4-लेन बनाया जा रहा है, जिसमें सड़क के दोनों ओर 30-30 फीट का विस्तार और बीच में सेंट्रल लाइन डाली जाएगी.
स्वेच्छा से तोड़ रहे हैं घर दुकान
स्थानीय निवासी और दुकानदार शहर के विकास को प्राथमिकता देते हुए स्वेच्छा से अपने घरों और प्रतिष्ठानों के प्रभावित हिस्सों को स्वयं हटा रहे हैं. यह जनहित में जन-सहयोग का एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा है.
सीएम का जताया आभार
इस पहल के लिए स्थानीय लोग प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का हृदय से आभार व्यक्त कर रहे हैं. उनका मानना है कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शिता और दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण यह परियोजना समय से पहले शुरू हो सकी है, जिससे न केवल वर्तमान बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी सुविधा मिलेगी और शहर के व्यापार को नया आयाम मिलेगा.
यातायात सुगम होगा
लगभग 2.25 किलोमीटर लंबी और 32 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत वाली यह परियोजना सिंहस्थ 2028 के दौरान श्रद्धालुओं के लिए सुगम यातायात सुनिश्चित करेगी. मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए हैं कि चौड़ीकरण से प्रभावित पात्र लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिले, ताकि उनका उचित पुनर्वास हो सके.
भगतसिंह मार्ग चौड़ीकरण
दूसरी ओर भगतसिंह मार्ग (जयसिंहपुरा से लालपुल तक) पर चल रहे चौड़ीकरण के कार्य में मुआवजे और मार्ग की चौड़ाई को लेकर स्थानीय निवासियों और प्रशासन के बीच विवाद समाप्त हो गया है, जिसका पूरा मकान टूटेगा उसे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलेगा, नगर निगम ने सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत इस 1.18 किलोमीटर लंबे मार्ग पर चरणबद्ध कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसका लक्ष्य इसे 24 मीटर (लगभग 80 फीट) चौड़ा कर 4-लेन बनाना है.
60 फिट की मांग
श्री महाकाल पब्लिक पार्किंग, जयसिंहपुरा से नृसिंहघाट रोड चौराहे तक (लगभग 60 भवन) चिन्हित किया गया है. हालांकि, स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि पूर्व में स्मार्ट सिटी द्वारा 60 फीट चौड़ीकरण और उचित मुआवजे का प्रस्ताव पारित किया गया था, अब शासन द्वारा इसे 80 फीट किया जा रहा है और मुआवजा भी निर्धारित मानदंडों के अनुरूप नहीं दिया जा रहा है. निवासी विकास के पक्ष में हैं, बावजूद उनकी मुख्य मांग है कि रोड की चौड़ाई 80 फीट की बजाय 60 फीट की जाए और प्रभावित मकान मालिकों को उचित एवं निर्धारित मुआवजा प्रदान किया जाए, ताकि कोई भी परिवार बेघर न हो.
इनका कहना है...
उज्जैन में चौड़ीकरण के कार्य तेज गति से प्रारंभ हो गए हैं जिन क्षेत्रों में नोटिस बांटे गए हैं, वहां क्षेत्रवासी शासन प्रशासन को सहयोग कर रहे हैं यह अच्छी बात है. मुख्यमंत्री डॉ यादव की मंशाअनुसार सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर विकास कार्य तीव्र गति से शुरू हो गए हैं. समय-समय पर नगर निगम और जिला प्रशासन द्वारा मॉनीटरिंग भी की जा रही है.
– रोशन कुमार सिंह,कलेक्टर उज्जैन
