
बेगमगंज। ग्रामीण अंचल में शिक्षा का स्तर सुधारने और शालाओं में पढ़ाई का बेहतर माहौल बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा चलाई जा रही आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक शिक्षा (एफएलएन) पहल की सराहना अभिभावकों ने की है। इसी क्रम में एकीकृत शासकीय माध्यमिक शाला देवलापुर में शुक्रवार को एफएलएन शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में विशेष रूप से पहुंचे तहसीलदार प्रमोद उइके ने शिक्षकों के साथ मिलकर प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों का आईक्यू परीक्षण किया। उन्होंने खेल-खेल में बच्चों से चित्रों के माध्यम से शब्दों के अर्थ पूछे और उनके बौद्धिक स्तर का आकलन किया।
कक्षा 2री से 5वीं तक के अधिकांश बच्चों ने लगभग 75 प्रतिशत प्रश्नों के सही उत्तर दिए, जबकि कुछ छोटे बच्चे प्रारंभिक झिझक में रहे। तहसीलदार उइके ने शिक्षकों को बच्चों की बौद्धिक क्षमता विकसित करने के लिए और अधिक मेहनत करने की सलाह दी।
उन्होंने कहा कि बुनियादी साक्षरता और संख्यात्मकता बच्चों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है, जिससे उनमें सीखने और सोचने की क्षमता बढ़ती है।
