चितरंगी:मोथा चक्रवाती तूफान ने तहसील क्षेत्र में भारी तबाही मचाई है। गुरुवार की रात करीब 5 घंटे से अधिक समय तक हुई मूसलाधार बारिश एवं तेज तूफान से खरीफ फसले तबाह हो गई है।खेतों में बारिश का लबालब पानी भर जाने से फसल सड़ने लगी है। यह बारिश पिछले 5 दिनों से रुक-रुक कर हो रही है। इस चक्रवर्ती तूफान एवं बारिश से किसान बेहद चिंतित हैं।
दरअसल समूचे ऊर्जाधानी में मौसम पिछले एक सप्ताह से करवट बदला हुआ है। बारिश एवं तेज हवाओं के चलते धान समेत अन्य खरीफ फसलों को भारी नुकसान हुआ है। आलम यह है कि दलहनी फसल उड़द, तिलहनी सहितअन्य फैसले बारिश के पानी में बर्बाद हो गई है। आलम यह है कि गुरुवार की शाम 5:00 से रात 10:00 तक समूचे अंचल में तेज तूफान के साथ हुई मूसलाधार बारिश से खेतों में लबालब पानी भर जाने के कारण धन समेत अन्य फसले पानी में तैर रही है।
क्षेत्र के करीब 25% से अधिक अन्नदाताओं ने धन समेत अन्य फसलों को काटकर खलिहानों में ले जाने की तैयारी में से तभी बारिश ने उधम मचा दिया और अब खेत में फसले सड़ रही है। खेतों में फसलों को तबाह होते देख किसान अपने भविष्य को लेकर जहां कोस रहे हैं। वहीं दूसरी ओर प्रशासन के कुंभ निद्रा पर सवाल भी उठा रहे हैं। कोरावल क्षेत्र के ग्राम खमहरिया, करौंदिया रेही, बगदरा, खैरा, फुलकेश,गागी नौड़ीहवा , समेत पुर विकासखंड में भारी बारिश का असर दिखा है। वही अभी तक राजस्व अमले के द्वारा प्रभावित गांवों एवं किसानों के संबंध में कोई सर्वेकर भी नहीं कर रहा है।
