गुटखा कारोबारी वाधवानी पर 2002 करोड़ का टैक्स नोटिस

इंदौर. करीब पांच साल से चल रही कानूनी रस्साकशी और जांच के बाद सेंट्रल जीएसटी एंड एक्साइज कमिश्नरेट ने शहर के बहुचर्चित गुटखा कारोबारी नेटवर्क पर अब तक का सबसे बड़ा वार कर दिया है. विभाग ने किशोर वाधवानी सहित उससे जुड़े कारोबारियों और फर्मों को 2002 करोड़ रुपए की टैक्स डिमांड थमा दी है. माना जा रहा है कि यह प्रदेश में जारी हुआ अब तक का सबसे बड़ा टैक्स डिमांड नोटिस है.

यह कार्रवाई उसी प्रकरण से जुड़ी है, जिसमें 2020 में बड़े पैमाने पर छापे पड़े थे. जांच में सामने आया कि 2017 से 2020 के बीच व्यवस्थित तरीके से टैक्स चोरी की गई. लगातार कच्ची बिलिंग, उत्पादन छिपाने और सप्लाई नेटवर्क को परत दर परत बांटकर करोड़ों का राजस्व नुकसान किया गया. वाधवानी और एलोरा ग्रुप की ओर से नोटिस रोकने की कोशिश में केस हाईकोर्ट से होते हुए सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. हाईकोर्ट ने इस साल न सिर्फ याचिका खारिज की, बल्कि दो लाख का जुर्माना लगाते हुए कहा कि मामले को अनावश्यक रूप से अटकाया जा रहा है. इसके खिलाफ समूह ने सुप्रीम कोर्ट में दस्तक दी, लेकिन 2 दिसंबर 2025 को देश की सर्वोच्च अदालत ने भी केस खारिज करते हुए हाईकोर्ट के निर्णय को सही माना. इस आदेश के बाद विभाग को वह रास्ता साफ मिला, जिसका इंतजार वर्षों से था, और 6 दिसंबर को एक साथ पूरे नेटवर्क पर 2002 करोड़ का टैक्स डिमांड नोटिस जारी कर दिया.

उक्त कार्रवाई न केवल गुटखा कारोबार के सबसे बड़े नेटवर्क पर बड़ा झटका है, बल्कि टैक्स चोरी के मामलों में सख्त होती कार्रवाई का संकेत भी देती है. इंदौर की यह फाइल अब पूरे देश में राजस्व जांच एजेंसियों के लिए मिसाल मानी जा रही है.

नोटिस जिन पर जारी…

एलोरा टोबैको, दबंग दुनिया पब्लिकेशन, किशोर वाधवानी, श्याम खेमानी, अनमोल मिश्रा, धर्मेंद्र पीठादिया, राजू गर्ग, शिमला इंडस्ट्रीज प्रा.लि., देवेंद्र द्विवेदी, विनायका फिल्टर्ड प्रा.लि., विनोद बिदासरिया सहित रमेश परिहार, टीएएन इंटरप्राइजेज, एसआर ट्रेडिंग, निश्का इंटरप्राइजेज, इंक फ्रूट, एमएन इंटरप्राइजेज, रानी प्रेस प्रा.लि., जौहर हसन और एनजी ग्राफिक्स एंड ब्लॉक मेकर्स से जवाब मांगा गया है.

जांच में ऐसे खुला घोटाला…

छापों के बाद विभाग ने जुलाई 2017 से जून 2020 के बीच की टैक्स चोरी का पूरा ग्राफ तैयार किया था, इसमें 1–17 जुलाई 2017: 24.08 करोड़, 18 जुलाई 2017–6 जुलाई 2019: 1345.73 करोड़, जुलाई 2019–1 फरवरी 2020: 418.78 करोड़, 2 फरवरी–10 जून 2020: 157.63 करोड़, कुल टैक्स चोरी 1946.23 करोड़ और अलग से 75.67 करोड़ की एक्साइज ड्यूटी जोड़कर डिमांड 2002 करोड़ तय की गई.

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