नयी दिल्ली, 20 अगस्त (वार्ता) इंडिया गठबंधन के सांसदों ने उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी का संसद भवन के सेंट्रल हॉल में बुधवार को अभिनंदन कर सभी सांसदों से उन्हें विजय बनाने की अपील की।
इंडिया गठबंधन की तरफ से कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने श्री रेड्डी को गुलदस्ता भेंट कर विपक्ष की तरफ से उनका स्वागत किया। समारोह में श्री खरगे के अलावा कांग्रेस संसदीय दल की नेता सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार, समाजवादी पार्टी के राम गोपाल यादव, द्रमुक के तिरुचि शिवा, झारखंड मुक्ति मोर्चा की महुआ माझी, शिव सेना (उद्धव गुट) के संजय राउत सहित दोनों सदनों में विपक्षी गठबंधन के लगभग सभी सदस्य मौजूद थे।
कांग्रेस अध्यक्ष ने श्री रेड्डी का स्वागत करते हुए कहा, “इंडिया गठबंधन के सभी दलों ने पूर्व न्यायाधीश बी सुदर्शन रेड्डी को संयुक्तरूप से अपना उम्मीदवार घोषित किया है। इस मौके पर मैं दोनों सदनों के सभी सांसदों से अपील करता हूं कि संविधान, संसद और लोकतंत्र की उच्चतम मर्यादाओं को दोबारा स्थापित करने के लिए आप सभी श्री रेड्डी को समर्थन देकर निर्वाचित करें।”
उन्होंने कहा कि सत्ता पक्ष ने पिछले 11 साल के दौरान विपक्षी दलों के प्रति भारी भेदभाव किया है। सत्तापक्ष खुद संसदीय कार्यों में बाधा डालता है और बहुमत का दुरुपयोग कर जन-विरोधी क़ानून पारित करने कर रहा है जबकि यह अल्पमत की सरकार है। मानसून सत्र में पूरे देश ने देखा है कि कैसे मोदी सरकार ने बिना विपक्ष की भागीदारी के मनमाने तरीके से और जल्दबाजी में विधेयक पारित कर दिये हैं।
राज्यसभा में विपक्ष के नेता ने कहा कि विधेयक पारित कराने में सदन के अध्यक्ष की भूमिका अहम रही है। विपक्षी सांसदों को बोलने ना देना, उन्हें बिना कारण निलंबित करना जैसे ऐसे कदम हैं जो भारतीय संसद के लिए काला अध्याय साबित हुए हैं।
उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति का पद देश का दूसरा सर्वोच्च संवैधानिक पद है। डॉ एस राधाकृष्णन के जमाने से जो शानदार परंपराएं राज्य सभा में स्थापित हुई थीं और विपक्ष को वाजिब सम्मान मिलता रहा था, वे सारी परंपरा अब खंडित हो रही हैं।
इन्हीं सब स्थितियों को देखते हुए विपक्षी दलों ने तय किया है कि वर्तमान माहौल में उच्चतम न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश रेड्डी को उम्मीदवार बनाया। श्री रेड्डी का पूरा जीवन संवैधानिक परंपराओं, मान्यताओं और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहा है।
