रीवा:कमिश्नर कार्यालय सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक में कमिश्नर बीएस जामोद ने शिक्षा तथा ट्रायबल विभाग के कार्यों की समीक्षा की. कमिश्नर ने कहा कि नया शिक्षा सत्र शुरू होने पर शाला जाने योग्य प्रत्येक बच्चे का शाला में प्रवेश करायें. शिक्षा पोर्टल के डाक बाक्स में शाला त्यागी बच्चों की पूरी सूची उपलब्ध है. जिला शिक्षा अधिकारी सूची के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से शाला प्रवेश करायें.
शालाओं में रगाई-पोताई कराकर उन्हें आकर्षक बनायें. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के साथ रोचक तरीके से बच्चों को शिक्षा दें. सभी स्कूलों में पेयजल और शौचालय की अनिवार्य रूप से व्यवस्था करायें. मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें. प्राथमिक शाला के शिक्षक सप्ताह में एक दिन आसपास के आंगनवाड़ी केन्द्रों में जाकर वहां के बच्चों को प्री-प्रायमरी शिक्षा दें. जिससे बच्चे आंगनवाड़ी के बाद सीधे शाला में प्रवेश ले सकें.
कमिश्नर ने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में सभी व्यवस्थायें सुनिश्चित करें. किसी भी केन्द्र में नकल प्रकरण पाये जाने पर केन्द्राध्यक्ष के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी. बीईओ और बीआरसी शालाओं का नियमित निरीक्षण कर प्रतिवेदन दें. शिक्षा को रोजगारोन्मूखी बनाने के लिए लगातार प्रयास करें.बैठक में कमिश्नर ने कहा कि जनजातीय कार्य विभाग के तहत संभाग में अनुसूचित जाति के लिए 180 तथा अनुसूचित जनजाति के लिए 113 छात्रावास संचालित हैं.
इनमें व्यवस्थाओं की निगरानी के लिए नोडल अधिकारी तैनात करें. जनजातीय कार्य विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारी छात्रावासों का निरीक्षण करके इनकी व्यवस्थाओं में सुधार करायें. लापरवाही बरतने वाले अधीक्षकों को पद से हटाने की कार्यवाही करें. बैठक में संयुक्त संचालक शिक्षा नीरव दीक्षित, संयुक्त आयुक्त सुदेश मालवीय सभी जिलों के शिक्षा अधिकारी तथा जिला संयोजक जनजातीय कार्य विभाग एवं अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे
