ब्यावरा। गुरुवार-शुक्रवार की रात्रि में गुना रोड पर अंधगति से दौड़ रहे वाहन ने अलग-अलग जगह हाईवे पर मौजूद गौवंश को कुचल दिया. हादसे में 20 से अधिक गौवंश की दर्दनाक मौत हो गई. इस दु:खद घटना से लोगों में आक्रोश व्याप्त हो गया. लोगों ने खानपुरा जोड़ तथा घोड़ापछाड़ के समीप हरीपुरा के यहां हाईवे पर जाम लगा दिया.
जानकारी के अनुसार यह घटना बीती रात्रि लगभग 1 बजे के आसपास होना बताया जा रहा है. उक्त वाहन द्वारा घोड़ापछाड़ टोल एवं हरीपुरा के बीच हाईवे पर गौवंश को टक्कर मारी. यहां 10 से 11 गौवंश की मौत हो गई. इसके बाद तेज रफ्तार वाहन ने खानपुरा जोड़ के यहां हाईवे पर मौजूद गौवंश को कुचल दिया. यहां 14 गौवंश की मौत होना बताया जा रहा है. कुछ गौवंश घायल हो गये. इस तरह हादसे में 20 से अधिक गौवंश की मौत होने की बात सामने आई है.
क्षत विक्षत हुए गौवंश
आरोपी वाहन द्वारा गौवंश को इतनी बुरी तरह से कुचला कि उनके शरीर बुरी तरह क्षत विक्षत हो गये. जिन्हें देख हर कोई व्यथित हो उठा और गौवंश की हो रही दुर्दशा को लेकर आक्रोश भी नजर आया.
हाईवे पर लगाया जाम
घटना की जानकारी लगते ही लोग मौके पर एकत्रित हो गये तथा खानपुरा जोड़ के यहां हाईवे पर जाम लगा दिया. दो घंटे तक जाम रहा. हाईवे पर दोनों और वाहनों की लम्बी-लम्बी कतार लग गई. मौके पर पहुंचे प्रशासन, पुलिस के अधिकारियों द्वारा गौवंश की सुरक्षा को लेकर आश्वस्त किए जाने पर जाम समाप्त किया गया. सिटी पुलिस के अनुसार अज्ञात वाहन चालक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरु कर दी है.
इसी तरह हरीपुरा के यहां भी जाम लगा दिया.
आये दिन हो रही दुर्घटनाएं
हाईवे सहित अन्य मार्गो पर आये दिन वाहनों की चपेट में आने से कई गौवंश की मौत हो चुकी है. हादसों में अनेक गौवंश अपनी जान गवां चुके है तो अनेक गंभीर रुप से घायल होकर अपाहिज हो चुके है. करीब एक माह पूर्व पचोर स्थित हाईवे पर वाहन की टक्कर से लगभग दस गौवंश ने दम तोड़ दिया था. इसके चार-पांच दिन बाद ही भाटखेड़ी के यहां 4 गौवंश की मौत सडक़ हादसे में हो गई थी. इसी तरह कुरावर के समीप झाडला के यहां, राजगढ़ रोड पर भी वाहन की टक्कर से गौवंश की मौत होने की घटनाएं हो चुकी है.
नहीं कोई ठोर ठिकाना
शासन, प्रशासन स्तर पर बेसहारा गौवंश के लिए छत, छांव एवं उनके संरक्षण हेतु अनेक प्रयास किए गये. लाख दावे किए गये कि अब हाईवे, चौराहों, सडक़ो पर रहने वाले बेसहारा गौवंश को संरक्षण देते हुए उन्हें गौशाला व अन्य सुरक्षित स्थानों पर रखा जाएगा. मवेशियो को पूरी तरह से संरक्षण एवं उनकी देखभाल करने की पहल करते हुए जिला प्रशासन द्वारा बारिश के दिनों में बेसहारा मवेशियों की सुरक्षा हेतु उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रखे जाने के सख्त निर्देश दिए गये बावजूद इसके आज हजारों की संख्या में मवेशी सडक़, चौराहो, हाईवे पर देखे जा सकतेे है. आये दिन सडक़ दुर्घटनाओं में यह जान गवां रहे है या फिर गंभीर रुप से घायल होकर अपाहिज हो रहे है.
बहुत कम गौशालाएं
जिस तरह से जिले में गौवंश की संख्या है उसको देखते हुए जो गौशाला है वह ऊंट के मुहं में जीरे के समान है. जानकारी के अनुसार जिले भर में मात्र 140 गौशालाएं संचालित है. 111 गौशालाएं शासकीय तथा 29 गौशालाएं अशासकीय है. प्रत्येक गौशाला में गौवंश के रहने की क्षमता लगभग 100 के आसपास है. इस तरह 14 हजार के आसपास ही गौवंश गौशालाओं में रह रहा है. पशु चिकित्सा विभाग के अनुसार जिले में बेसहारा गौवंश की संख्या 65 हजार से अधिक है. यह गौवंश खुले आसमान के नीचे रहने मजबूर है.
