सीहोर। जिले में शुक्रवार से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी का कार्य शुरू हुआ, लेकिन पहले ही दिन व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई. कई खरीदी केंद्रों पर दोपहर 12 बजे तक तौल शुरू नहीं हो सकी, वहीं किसानों के बैठने और छाया तक की उचित व्यवस्था नहीं थी.
हालात यह रहे कि उपज से भरी बोरियों की सिलाई के लिए मशीनें तो केंद्रों पर पहुंच गईं, लेकिन कई मशीनें खराब पाई गईं, जिन्हें मौके पर ही सुधारने का काम चलता रहा. इन अव्यवस्थाओं के बावजूद पहले दिन 535 किसानों से 2247 टन गेहूं की खरीदी की गई.
गौरतलब है कि इस बार खरीदी कार्य देरी से शुरू हुआ. हालांकि 9 अप्रैल को सांकेतिक रूप से दो केंद्रों पर 19 किसानों से करीब 800 क्विंटल गेहूं खरीदा गया था, लेकिन शुक्रवार से सभी केंद्रों पर विधिवत खरीदी शुरू की गई. तकीपुर केंद्र पर सुबह 6 बजे से ही किसान अपनी उपज लेकर पहुंच गए थे, लेकिन दोपहर 12 बजे तक खरीदी शुरू नहीं हो सकी. किसान ब्रजमोहन का कहना था कि वे सुबह से इंतजार कर रहे हैं, लेकिन तौल कार्य शुरू नहीं हुआ. इसी तरह चंदेरी के ज्ञान सिंह ने कहा कि सुबह से ही किसान परेशान हैं. वहीं आमाझिर के शिवप्रसाद अपनी पानी की बोतल साथ लाकर बैठे थे, उनका कहना था कि दोपहर तक भी उनकी उपज की तौल नहीं हुई.
केंद्र पर सिलाई मशीन खराब होने के कारण बोरियों की सिलाई का काम भी बाधित रहा. किसानों के बैठने के लिए कोई व्यवस्था नहीं थी, जिससे मजबूर होकर उन्हें वहां रखी नेट बिछाकर बैठना पड़ा. दोपहर तक इस केंद्र पर 12 किसान उपज लेकर पहुंचे थे.
