नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2025 : बिहार चुनाव के गरमाते माहौल के बीच राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने बागी तेवर अपनाने वाले नेताओं पर एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। पार्टी नेता तेजस्वी यादव के निर्देश पर बुधवार को एक मौजूदा विधायक समेत 10 बड़े नेताओं को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। पार्टी से निकाले गए नेताओं में सबसे बड़ा नाम डेहरी से मौजूदा विधायक फतेह बहादुर सिंह का है, जो RJD के आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गए हैं। इस नई कार्रवाई से बिहार की सियासत में हलचल और तेज हो गई है।
RJD के प्रदेश अध्यक्ष मंगनी लाल मंडल ने एक बयान जारी कर निष्कासन की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि विधायक फतेह बहादुर सिंह के अलावा दो पूर्व विधायकों—मो. गुलाम जिलानी वारसी (कांटी) और मो. रियाजुल हक राजू (गोपालगंज)—समेत 7 अन्य पदाधिकारियों पर भी गाज गिरी है। यह ताजा कार्रवाई दो दिन पहले की उस बड़ी कार्रवाई के बाद हुई है, जिसमें दो मौजूदा विधायकों और पांच पूर्व विधायकों समेत 27 नेताओं को निष्कासित किया गया था। इस ताबड़तोड़ ‘सफाई अभियान’ से पार्टी के भीतर खलबली मच गई है।
RJD की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तंज कसा है। बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने निष्कासित नेताओं की सूची एक्स पर साझा करते हुए टिप्पणी में लिखा, “इस रफ्तार से तो पार्टी जल्द ही कार्यकर्ताओं और मतदाताओं दोनों से खाली हो जाएगी।” मालवीय ने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दोनों नेता मिलकर महागठबंधन को डुबोने पर तुले हुए हैं। इसी बीच, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी चुनाव प्रचार के लिए बिहार पहुंचकर राहुल गांधी के ‘नाच’ वाले बयान पर तीखा हमला बोला।

