
नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2025 : सीबीआई ने पिछले महीने मुंबई की एक विशेष अदालत में यस बैंक के संस्थापक राणा कपूर, उद्योगपति अनिल अंबानी और 11 अन्य के खिलाफ दायर अपने आरोपपत्र में चौंकाने वाला खुलासा किया है। सीबीआई ने कहा है कि राणा कपूर और अनिल अंबानी नियमित रूप से यस बैंक के किसी भी अधिकारी की मौजूदगी के बिना व्यावसायिक बैठकें करते थे। बाद में, बैंक अधिकारियों को इन बैठकों में सहमत हुए प्रस्तावों पर कार्रवाई करने के लिए कहा जाता था। यह मामला 2022 में यस बैंक के मुख्य अधिकारी की शिकायत पर दर्ज दो आपराधिक मामलों से संबंधित है।
इसी बीच, उद्योगपति अनिल अंबानी ने मंगलवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में दायर अपनी एक याचिका वापस ले ली। इस याचिका में उन्होंने आईडीबीआई बैंक द्वारा ‘फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट’ संबंधी मास्टर सर्कुलर के तहत जारी शो कॉज नोटिस पर दी जाने वाली व्यक्तिगत सुनवाई को स्थगित करने की मांग की थी। यह नोटिस रिलायंस कम्युनिकेशंस द्वारा लिए गए 750 करोड़ रुपये के ऋण से संबंधित था, जो वर्तमान में दिवालियापन प्रक्रिया के अधीन है। अंबानी ने यह याचिका तब वापस ली, जब हाईकोर्ट ने उन्हें अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।
न्यायमूर्ति संदीश डी पाटिल की अवकाश पीठ ने 28 अक्टूबर को अनिल अंबानी द्वारा आईडीबीआई बैंक लिमिटेड के खिलाफ दायर रिट याचिका पर आदेश पारित किया। अंबानी ने बैंक द्वारा 30 अक्टूबर को तय की गई व्यक्तिगत सुनवाई पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने तर्क दिया था कि ऐसी सुनवाई से उन्हें भारी नुकसान होगा। अंबानी ने यह भी आग्रह किया था कि जब तक बैंक उन्हें सभी संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं कराता और जवाब देने का उचित अवसर नहीं देता, तब तक व्यक्तिगत सुनवाई रोक दी जाए।
