
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2025 (डिजिटल डेस्क): पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) ने अपने आतंक अभियान में एक नया, खतरनाक अध्याय जोड़ा है। संगठन के सरगना मौलाना मसूद अजहर का 21 मिनट का एक ऑडियो संदेश सामने आया है, जिसमें उसने महिला जिहादी ब्रिगेड ‘जमात-उल-मोमिनात’ की स्थापना की घोषणा की है। यह घोषणा बहावलपुर स्थित मार्कज उस्मान ओ अली से जारी की गई। अजहर ने बताया कि महिलाएं ‘दौरा-ए-तस्किया’ और ‘दौरा-आयत-उल-निसा’ जैसे विशेष जिहादी प्रशिक्षण कोर्स से गुजरेंगी, जिसके बाद उन्हें जिहाद में अपनी भूमिका के लिए तैयार किया जाएगा। संगठन का दावा है कि इसमें शामिल होने वाली महिलाओं को मरने के बाद सीधे जन्नत नसीब होगी।
जांच रिपोर्ट्स के अनुसार, मसूद अजहर ने अपनी बहन सादिया अज़हर को इस महिला विंग की प्रमुख बनाया है। उसकी दो अन्य बहनें समीरा अजहर और अफीरा फारूक (पुलवामा हमलावर की विधवा) भी नेतृत्व में शामिल हैं। संगठन ने पाकिस्तान के हर जिले में इस महिला विंग की शाखा बनाने की योजना बनाई है, जिसकी प्रमुख ‘डिस्ट्रिक्ट मुन्तज़िमा’ कहलाएगी। 25 अक्टूबर से ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से भर्ती अभियान शुरू किया गया है, जिसमें उन 45 महिलाओं को प्रमुखता दी जा रही है जिनके पति या रिश्तेदार भारतीय सेना के साथ मुठभेड़ में मारे गए थे। इन्हें ‘शोबा-ए-दावत’ नामक प्रचार अभियान के तहत नई भर्तियों को प्रेरित करने में लगाया जा रहा है।
मसूद अजहर ने अपने संदेश में दावा किया कि महिला जिहादी विंग का विचार उसकी बहन हवा बीबी की मौत के बाद आया, जो भारत के ऑपरेशन सिंदूर के दौरान मारी गई थी। इस बीच, विशेषज्ञों का कहना है कि भले ही पाकिस्तान सरकार जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों पर औपचारिक रूप से प्रतिबंध की बात करती है, लेकिन हकीकत कुछ और बयां करती है। अंतरराष्ट्रीय दबाव में ढील मिलते ही इस्लामाबाद एक बार फिर आतंक के इन नेटवर्कों को परोक्ष समर्थन देकर उन्हें मजबूत कर रहा है, जो क्षेत्र की शांति के लिए एक गंभीर खतरा है।
