
नई दिल्ली, 29 अक्टूबर 2025: सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज हरियाणा के अंबाला एयरफोर्स स्टेशन से लड़ाकू विमान राफेल में उड़ान भरी। उनकी यह उड़ान कुल 30 मिनट की रही, इस दौरान उन्होंने हवा में भारतीय वायुसेना की बारीकियों का जायजा लिया। दिल्ली से अंबाला छावनी पहुँचने पर उनका भव्य स्वागत किया गया, जहाँ एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह ने उनकी अगवानी की और वायुसेना के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। राष्ट्रपति का यह कदम भारतीय सेना के मनोबल को बढ़ाने वाला माना जा रहा है।
राफेल लड़ाकू विमानों के स्क्वॉड्रन का प्रमुख अड्डा, अंबाला एयरफोर्स स्टेशन, इस हाई-प्रोफाइल दौरे का केंद्र रहा। यहाँ पहुँचने पर राष्ट्रपति ने जिप्सी में खड़े होकर परेड का निरीक्षण किया, जवानों से मुलाकात की और एयरफोर्स स्टेशन की अलग-अलग यूनिट्स का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से राफेल विमान की तकनीक, संचालन विधि और सुरक्षा से जुड़ी अहम बातों को समझा। ज्ञात हो कि फ्रांस निर्मित राफेल को सितंबर 2020 में यहीं औपचारिक रूप से वायुसेना में शामिल किया गया था।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने हमेशा सेना के कार्यों में गहरी दिलचस्पी दिखाई है। इससे पहले, उन्होंने 8 अप्रैल, 2023 को असम के तेजपुर वायुसेना स्टेशन से सुखोई-30 एमकेआई लड़ाकू विमान में भी उड़ान भरी थी। सुखोई में उड़ान भरने वाली वह तीसरी राष्ट्रपति थीं। इस दौरे के दौरान उन्होंने अफसरों और जवानों से बात की और देश की रक्षा ताकत व सेना में महिलाओं की भागीदारी जैसे मुद्दों पर अपनी बात रखी। इस महत्वपूर्ण दौरे के लिए अंबाला एयरफोर्स स्टेशन के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।
